सहरसा : भले ही करोड़ की लागत से सहरसा जंक्शन पर यात्री सुविओं का विस्तार किया जा रहा है. लेकिन विभागीय लापरवाही की वजह से यात्रियों को सुविधा मिलती नजर नहीं आ रही है. समस्तीपुर डिवीजन के अंतर्गत मॉडल श्रेणी के स्टेशन सहरसा जंक्शन पर अन्य सुविधाएं तो छोड़िए धूप व बारिश में सिर छुपाने की जगह नहीं है.
हाल यह है कि बारिश के समय में प्लेटफॉर्म नंबर दो के पास जो फुटओवरब्रिज है, यात्रियों द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर एक-चार व पांच में जाने के यात्री भींग जाते हैं. ऐसी बात नहीं है कि सीढ़ी पर शेड नहीं है. कार्य एजेंसी द्वारा नये शेड लगाने के क्रम में कुछ उपरी हिस्से में शेड लगाया गया.
लेकिन सीढ़ी के बीच के हिस्से में कार्य एजेंसी शेड लगाना ही भूल गया. ऐसे में यात्री जब एक-पलेटफार्म से दूसरे प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं तो जिन हिस्से में शेड नहीं लगा है, बारिश में भींग जाते हैं या तो जल्दीबाजी में निकलने में सीढ़ी पर फिसलकर गिर जाते हैं. बता दें कि सहरसा जंक्शन से 15 से 20 हजार रोजाना यात्रियों की आवाजाही होती है.
यहां 58 ट्रनों का ठहराव है और दिल्ली, मुंबई व अमृतसर के लिए कई ट्रेनों का परिचालन होता है. सहरसा जंक्शन पर इन दिनों करीब 13 करोड़ की लागत से सर्कुलेटिंग के साथ दूसरा फुटओवरब्रिज व सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा है. इसे तहत पुराने व जर्जर यात्री शेड को बदले जा रहे हैं. ऐसे में दो व तीन नंबर प्लेटफॉर्म के पास जो फुटओवरब्रिज है, यात्री प्लेटफॉर्म नंबर एक, चार व पांच पर जाने के लिए प्रयोग करते हैं.
कार्य एजेंसी द्वारा आधे हिस्से में शेड लगाया गया, जबकि आधे हिस्से में लगाना भूल गयी. पूछने पर यह बताया कि बारिश की वजह से शेड नहीं लगाया गया है. लेकिन बता दें कि यह स्थिति पिछले 15 दिनों से बनी हुई है. मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर प्रकाश चंद्र ने बताया कि बारिश की वजह से शेड नहीं लग सका है. जैसे ही बारिश रूकेगी शेड पूरी तरह से लगा दिया जायेगा. सभी जगहों पर नये शेड लगाये जा रहे हैं.
