सहरसा : सहरसा जंक्शन पर अत्यधिक ट्रेनों की लोडिंग क्षमता कम करने के लिए पुराने लोको शेड में मीटर गेज की जगह पर 330 मीटर लंबी 3 तीन ब्रॉड गेज रेलवे ट्रैक के निर्माण का प्रपोजल तैयार किया गया. ताकि मेन, गुड्स व कोचिंग सहित सभी लाइनें एक-दूसरे से स्वतंत्र हो और सहरसा-मानसी रेलखंड पर ट्रेनें विलंब न हो.
इसके लिए समस्तीपुर से स्पेशल ट्रेन से सहरसा जंक्शन पहुंचे प्रभारी डीआरएम अतुल प्रियदर्शी ने रेल के संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ शंटिंग, कोचिंग व गुड्स लाइनों के विस्तार व निर्माण के लिए करीब चार घंटे तक पुराना लोको शेड, कोचिंग डिपो, वाशिंग पिट व रैक प्वाइंट का निरीक्षण किया. इंजीनियरों द्वारा इंची-फीते से मापी के बाद प्रभारी डीआरएम को रिपोर्ट भी सौंपी गयी.
डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों व इंजीनियरों को अविलंब स्टीमेट तैयार करने का निर्देश जारी किया ताकि बजट सेक्शन के बाद कार्य शुरू हो सके. करीब एक घंटे डीआरएम ने पुराने लोको शेड का ड्राइंग के आधार पर नये ट्रैक के निर्माण के लिए निरीक्षण किया. जिसके बाद 500 मीटर वाशिंग पिट की दिशा में पैदल चलकर इंजीनियरों द्वारा इंची-फीते से मापी की रिपोर्ट ली. इस बाबत डीआरएम ने कहा कि वैशाली एक्सप्रेस आने के बाद सहरसा जंक्शन पर ट्रेनों की लोड बढा है.
जिसकी वजह से इस रेलखंड पर ट्रेनें काफी विलंब हो रही है. वैसे तो यार्ड काफी बड़ा है, लेकिन समस्या काफी छोटी-बड़ी है. गुड्स, कोचिंग व शंटिंग को अलग-अलग स्वतंत्र करने के लिए मेजर ऑपरेशन की जररत है. तीनों लाइनें स्वतंत्र होने के बाद मेन लाइन पर कोई फर्क नहीं पडेगा और सहरसा-मानसी रेलखंड पर ट्रेनों के आगमन व प्रस्थान के समय में विलंब नहीं होगा.
डीआरएम ने कहा कि गुड्स ट्रेनों के शंटिंग के लिए ट्रैक की लंबाई कम है, जो बढाई जायेगी. निरीक्षण में सीनियर डीएसटी अभिषेक, सीनियर डीओएम अमरेश कुमार, सीनियर डीईएन थ्री मयंक अग्रवाल, आरपीएफ कमांडेंट अंशुमान त्रिपाठी, सीनियर डीईई मैकेनिकल दिलीप कुमार, स्टेशन अधीक्षक नीरज चंद्रा, एडीईएन मनोज कुमार, डीएसटी डीके चांद, टीआई दिनेश कुमार, आरपीएफ पोस्ट कमांडर सारनाथ सहित रेल के कई अधिकारी मौजूद थे.
पुराने लोको शेड व यार्ड में होगा 6 रेलवे ट्रैक का निर्माण व होगा विस्तार: पुराने लोको शेड में तीन नये रेलवे ट्रैक के निर्माण की योजना है और तीन पुराने मीटर गेज पर तीन ब्रॉड गेज लाइनों का विस्तार होना है. इसके तहत तीन नये रेलवे ट्रैक के निर्माण के बाद वैशाली सहित अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों को यहां खड़ी किया जा सकेगा.
वहीं पुराने लोको शेड के बाहर दो नये ट्रैक के विस्तार के बाद बेकार में प्लेटफॉर्म पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन को स्टेबल किया जायेगा. पैसेंजर ट्रेन के मेंटनेंस के लिए पुराने लोको शेड के अंदर दो अगल लाइन का निर्माण होगा. ड्राइंग के आधार पर इंची-फीते से मापी के बाद इंजीनियरों ने फिलहाल प्रभारी डीआरएम ने रिपोर्ट सौंप दी है. इसमें कुछ रेल की पुरानी बिल्डिंग टूटेगी.
पूर्णिया से सहरसा तक होगी डायरेक्ट लाइन: मेन लाइन पर ट्रेनों का दवाब कम करने के लिए पूर्णिया से सहरसा तक डायरेक्ट लाइन की व्यवस्था होगी. प्रभारी डीआरएम ने कहा कि पुराने लोको शेड के पास रेल की काफी जमीन है. पूर्णिया रूट जाने वाली ट्रेन पूरब दिशा में नयी ट्रैक के निर्माण के बाद पूरब दिशा से डायरेक्ट चलायी जायेगी.
रैक प्वाइंट में सिक्यूरिटी देने के बाद भेजी जायेगी रैक: प्रभारी डीआरएम ने गंगजला चौक के पास पुराने रैक प्वाइंट का निरीक्षण किया. डीआरएम ने कहा कि अभी ट्रेन की रैक को यहां भेजा तो चोरी की आंशका होगी. सिक्यूरिटी देने के बाद ही अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों को रैक प्वाइंट के पास अन्य लाइन पर खड़ी की जा सकेगी. ताकि प्लेटफॉर्म खाली रह सके.
यार्ड में बढायी जायेगी सुविधा: प्रभारी डीआरएम ने कहा कि यार्ड के पास गेट को दूसरे जगह शिफ्ट किया जायेगा. लाइट की सुविधा बढाई जायेगी. पश्चिम दिशा में सर्वा ढाला तक शंटिंग लाइन का निर्माण प्रस्तावित है, जिसका निरीक्षण किया गया है. जिसका विस्तार जल्द ही किया जायेगा. ताकि शंटिंग लाइन से मेन लाइन अलग हो और ट्रेनें आउटर पर बेवजह खडी न हो सके. इंजीनियरों से स्टमेट मांगा गया है.
