सहरसा : पिछले एक सप्ताह से सहरसा जंक्शन पर मजदूर यात्रियों के पलायन को लेकर सोमवार को सहरसा-अंबाला स्पेशल ट्रेन चलाये जाने को लेकर मजदूर यात्रियों को थोड़ी राहत तो मिली मगर रेल प्रशासन की इसे खानापूर्ति समझी जा रही है. सोमवार को मजदूर यात्रियों से सभी प्लेटफॉर्म व मुसाफिरखाना खचाखच भरा था. सुबह सहरसा-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस में सीटें नहीं मिलने के बाद यात्रियों ने किसी तरह मारामारी कर स्पेशल ट्रेन में अंबाला तक की जगह ली.
आधे मजदूर यात्रियों को मिली सीटें अन्य यात्रियों ने छोड़ी ट्रेन
सहरसा : पिछले एक सप्ताह से सहरसा जंक्शन पर मजदूर यात्रियों के पलायन को लेकर सोमवार को सहरसा-अंबाला स्पेशल ट्रेन चलाये जाने को लेकर मजदूर यात्रियों को थोड़ी राहत तो मिली मगर रेल प्रशासन की इसे खानापूर्ति समझी जा रही है. सोमवार को मजदूर यात्रियों से सभी प्लेटफॉर्म व मुसाफिरखाना खचाखच भरा था. सुबह सहरसा-अमृतसर […]

आश्चर्य की बात यह है कि आधा मजदूर यात्रियों को ही स्पेशल ट्रेन में जगह मिली अन्य यात्रियों को सीटें नहीं मिलने पर ट्रेन छोड़नी पड़ी. समस्तीपुर डिवीजन के अधिकारियों की मानें तो फिलहाल एक ट्रिप ही सहरसा-अंबाला स्पेश्सल ट्रेन चलेगी और भीड़ बढ़ती है तो दूसरे व तीसरे ट्रिप भी स्पेशल ट्रेन चलायी जा सकेगी.
वहीं स्पेशल ट्रेन के इंतजार में बैठे मधेपुरा, पूर्णिया, महिषी, सहरसा व सिमरी बख्तियारपुर के मजदूर यात्रियों का कहना है कि रोजाना चलने वाली ट्रेन जनसेवा एक्सप्रेस में बीते दो दिनों से जगह नहीं मिल रही है. टिकट लेने के बाद कई बार ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया. लेकिन भीड़ की वजह से ट्रेन में नहीं चढ सके. मजदूर यात्री पंकज, आशीष व मनोज ने बताया कि स्पेशल ट्रेन में चढ़ने तक की जगह नहीं मिली. दो दिनों से प्लेटफॉर्म पर बैठा हूं. सोचा था कि स्पेशल ट्रेन में सीटें मिलेगी.
लेकिन भारी भीड़ की वजह से सीटें नहीं मिल सकी. अब तो खाने के पैसे भी खत्म हो गये हैं. कोपरिया व धमारा घाट के ग्रामीण मजदूर का कहना था कि दो हजार रुपये घर से निकला था. इससे खाना के साथ टिकट के पैसे भी थे. अब तो आधा पैसा खत्म हो गया. अगर कल तक ट्रेन में सीटें नहीं मिली तो वापस घर लौट जायेंगे. रेल विभाग को चाहिए कि दस दिनों तक लगातार सहरसा जंक्शन से स्पेशल ट्रेन चलायी जाये.