सहरसा आकर अपने प्रशंसकों का दिल जीत ले गया छिछोरा सुशांत

सहरसा : बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत सोमवार की अहले सुबह अपने पैतृक गांव पूर्णिया के बी कोठी प्रखंड के मल्लडीहा से सहरसा पहुंचे. अपने चचेरे भाई छातापुर के विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू एवं भाभी बिहार विधान परिषद सदस्य नूतन सिंह के नया बाजार स्थित आवास पर पहुंचते ही सुशांत ने जिम जाने की […]

सहरसा : बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत सोमवार की अहले सुबह अपने पैतृक गांव पूर्णिया के बी कोठी प्रखंड के मल्लडीहा से सहरसा पहुंचे. अपने चचेरे भाई छातापुर के विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू एवं भाभी बिहार विधान परिषद सदस्य नूतन सिंह के नया बाजार स्थित आवास पर पहुंचते ही सुशांत ने जिम जाने की इच्छा जतायी और डीबी रोड स्थित जिम में आधे घंटे तक पसीना बहाया.
उसके बाद विधायक के आवास के सामने देर तक क्रिकेट खेल कर भी लुत्फ उठाया. उसके बाद उन्होंने अपनी निजी व फिल्मी हलचल के बारे में ढेर सारी बातचीत की. जिसमें उन्होंने बताया कि कोसी सीमांचल सहित पूरे बिहार के युवाओं के लिए उनके पास बेहतर प्लान है.
जिस पर काम किया जा रहा है, इसलिए फिलहाल इसका खुलासा तो नहीं कर सकते, लेकिन यहां के युवाओं के लिए वह बेहतरीन कदम होगा. धारावाहिक पवित्र रिश्ता से बॉलीवुड में कदम रखने वाले अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत टीवी धारावाहिक पवित्र रिश्ता से दमदार छवि बनायी. इस किरदार से मिली लोकप्रियता ने उन्हें बॉलीवुड में दाखिला करा दिया.
उसके 17 साल के बाद सुशांत अपने पैतृक गांव बड़हरा कोठी प्रखंड के मल्लडीहा गांव और सहरसा पहुंचे हैं. जैसे लोगों को अभिनेता सुशांत के सहरसा में होने की सूचना मिली, प्रशंसक उनकी एक झलक पाने को विधायक के आवास पहुंचने लगे. कोई उसके साथ सेल्फी लेने तो कोई ऑटोग्राफ लेने को बेताब था. सुशांत भी सहजता पूर्वक सबकी भावनाओं का ख्याल रखते नजर आये.
मिथिला के संस्कार अब भी हैं रचे बसे: बाहर रहने के बावजूद सुशांत व उनका पूरा परिवार आज भी मिथिला रीति रिवाज और परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं. भाषा, स्वभाव में भी यह झलक जाता है. लोगों की बढ़ रही भीड़ व उनसे मिलने की बेकरारी होने के बावजूद सुशांत सहज व सौम्य भाव से सबसे मिलते रहे.
सहरसा से वह अपने ननिहाल खगड़िया रवाना हुए. जहां उनका मुंडन संस्कार समारोह होगा. सुशांत सिंह राजपूत बौरणय के स्व महेश्वर प्रसाद सिंह के नाती हैं. पूर्वी बोरणय पंचायत के जयप्रभा नगर से नदी पार कर अपने ननिहाल बोरणय स्थान के मां विषहरी स्थान में उनका मुंडन संस्कार होगा. उ
नके पिता कृष्ण किशोर सिंह सरकारी अधिकारी हैं. उनका परिवार 2000 के शुरुआती समय में दिल्ली में बस गया. सुशांत की चार बहनें भी हैं, जिसमें से एक मीतू सिंह राज्य स्तर की क्रिकेट खिलाड़ी हैं. सुशांत की शुरुआती पढ़ाई सेंट कैरेंस हाई स्कूल पटना से हुई और इसके आगे की पढ़ाई दिल्ली के कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल से हुई. इसके बाद दिल्ली के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.
गॉड फादर नहीं टैलेंट की होती है जरूरत
आपको यह जानकार हैरानी होगी कि शुरुआत में अभिनेता सुशांत की फिल्म में जाने की सोच नहीं थी. वह इंजीनियरिंग की पड़ाई कर रहे थे और अच्छे स्टूडेंट में इनकी गिनती होती थी. लेकिन अचानक एक नाटक में काम करने के बाद लगा कि अभिनय उनके अंदर बसा है और यहीं से उनका संघर्ष शुरू हो गया. इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी और फिल्मी दुनिया में किस्मत आजमाने निकल पड़े.
जल्दी ही इन्हें टीवी धारावाहिक पवित्र रिश्ता में मुख्य किरदार की भूमिका मिली और मानव के रूप में सुशांत घर-घर में लोकप्रिय हो गये. फिल्मी गॉडफादर के विषय में पूछे जाने पर सुशांत बताते हैं कि टैलेंट के आगे किसी गॉड फादर की जरूरत नहीं होती.
हां, वैरी जॉन से काफी कुछ सीखा. कई नाटकों में भी काम किया. माता-पिता से आज तक सीख रहा हूं. इन सब चीजों का काफी प्रभाव पड़ता है. काय पो चे, शुद्ध देसी रोमांस, पीके, धोनी, बद्रीनाथ जैसी फिल्मों में अपनी दमदार भूमिका की छाप छोड़ चुके सुशांत आगे सोन चिड़िया, छिछोरा, ड्राइव जैसी फिल्मों में नजर आने वाले हैं.

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