सहरसा : विश्व नृत्य दिवस के अवसर पर जिले के रोहित झा को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में नटराज नृत्य कला मंदिर व अभिनव नाट्य पुरस्कारम द्वारा कला सौरभ सम्मान से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन्हें कथक के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान के लिए दिया गया है.
इस संस्था ने विश्व नृत्य दिवस पर आयोजित होने वाले क्लासिकल डांस समारोह में अलग-अलग विधा के ख्यात कलाकारों को उनके प्रदर्शन के आधार पर चुनकर उन्हें सादर आमंत्रित करती है. इस वर्ष इस समारोह के लिए बिहार के ये इकलौते कलाकार हैं, जिन्हें यह आमंत्रण सह पुरस्कार मिला है.
ज्ञात हो कि कोसी के प्रतिभावान युवक रोहित झा बिहार के गिने चुने कथक डांसरों में एक हैं. महज 25 वर्षों की छोटी उम्र में ये देश के अलग अलग प्रांत के अनेकों मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर कई पुरस्कार बटोर चुके हैं. सहरसा के पंचवटी चौक निवासी पूनम झा एवं संदीप झा के सुपुत्र रोहित कथक के अलावा एनससी (नेशनल कैडेट कोर) से भी जुड़े हैं.
वर्ष 2018 में दिल्ली राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में अपने टीम का नेतृत्व कर चुके हैं. इन्हें एनससी की ओर से भी कई मेडल और प्रशस्ति पत्र मिला चुका है. इन चीजों के अलावा बहुमुखी प्रतिभा के धनी रोहित को मॉडलिंग में भी ख़ासी दिलचस्पी है. फैशन और ग्लैमर जगत से जुड़े कई लोगों ने इन्हें इससे जुड़ने का ऑफर भी दिया है. किंतु कथक नृत्य के प्रति एकाग्रता जम जाने के कारण ये बाकी अन्य चीजों में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं.
