23 अगस्त तक अपडेट किताबों में नौ हाइकोर्ट के न्यायाधीशों का नाम है गलत
रेखा शर्मा की जगह राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष बनी हैं ललिता कुमार मंगलम
सीनियर से सलाह लेकर ही खरीदें किताब, वर्ना हो सकते हैं फेल
सहरसा : रेलवे, बैंक, एफसीआइ, एसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिकी (करेंट अफेयर्स) विषय पर बाजार में कई पुस्तकें बिक रही हैं. लेकिन अधिकतर प्रकाशनों की पुस्तकों में गलतियों की भरमार है. विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्रा दिग्भ्रमित हो रहे हैं. जाने-अनजाने में वे गलत ज्ञान इकट्ठा कर रहे हैं. उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है.
रेणु सेट्ठी को ही बता रहे पेटीएम का सीइओ : पटना से प्रकाशित स्पीडी करेंट अफेयर्स 2018 की पुस्तक दिखाते छात्रों ने बताया कि यह किताब 23 अगस्त को अपडेट बता रहा है. लेकिन देश के 24 हाइकोर्ट में से नौ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के नाम गलत अंकित है. इसी तरह राज्य के राज्यपाल व मुख्यमंत्रियों के नाम में भी उलटफेर हैं.
छात्रों ने बताया कि सार्क के महासचिव अर्जुन बहादुर थापा का कार्यकाल 28 फरवरी तक ही था. लेकिन 23 अगस्त तक अपने आप को अपडेट बताने वाली यह किताब अभी तक अमजद हुसैन बी सियाल का नाम ही बता रहा है. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा की जगह अभी तक ललिता कुमार मंगलम का नाम ही दिखाया जा रहा है. छात्रों ने कहा कि पेटीएम के सीइओ विजय शेखर हैं. जबकि यह किताब अब तक रेणु सेट्ठी को ही दर्शा रहा है. प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों ने कहा कि राज्य में प्रकाशित होने वाली पुस्तकों की समीक्षा अथवा उस पर नियंत्रण रखने वाला कोई नहीं है. जिससे छात्र दिग्भ्रमित हो रहे हैं. उनके भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है.
17 सितंबर से है ग्रुप डी की परीक्षा
सोनवर्षा के बड़गांव का लवलेश कुमार झा, सिंहेश्वर के पटोरी का शंकर कुमार, सुपौल के परशरमा का आलोक कुमार झा, खगड़िया के बेलदौर का शंकर मेहता सहित विकास कुमार, मिथुन कुमार, विनीत कुमार मिश्रा, अनुज कुमार, सोनू कुमार पंचवटी स्थित एक लॉज में रह कर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा है. छात्रों ने बताया कि रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा 17 सितंबर से है. उसके बाद आरपीएफ, आरपीएफ एसआई, हरियाणा एफसीआई, हरियाणा एसएससी, बिहार एसएससी की परीक्षा होने वाली है. ऐसी सभी परीक्षाओं में करेंट अफेयर्स च जीएस से 20 प्रश्न पूछे जाते हैं. समसामयिकी के अध्ययन के लिए उन्होंने बाजार में बिक रही आधे दर्जन से अधिक पुस्तकें खरीदी. लेकिन किसी पुस्तक में समसामयिकी की जानकारी सही नहीं मिली.
