Bihar News:(संदेश जायसवाल) देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. महज 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं. इस बार पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया है. नई कीमतें लागू होते ही आम उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है.
आम जनता और किसानों पर बढ़ा बोझ
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण वाहन चालकों, किसानों और छोटे व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है. ग्रामीण इलाकों में डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि खेती-किसानी के अधिकतर कार्य डीजल आधारित मशीनों पर निर्भर हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही रसोई गैस, खाद्य तेल और सब्जियों की कीमतें ऊंची हैं, ऐसे में पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को और बिगाड़ दिया है. रोजमर्रा की आवाजाही भी अब महंगी साबित हो रही है.
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है. कांग्रेस नेता मंगल राम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. वहीं सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह बढ़ोतरी हुई है.
10 दिनों में चार बार बढ़े दाम
मई 2026 में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
- 15 मई 2026: पहली बार करीब ₹3 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी
- 19 मई 2026: पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा
- 23 मई 2026: फिर पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी
- 25 मई 2026: चौथी बार पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा
बढ़ती कीमतों से चिंता
लगातार हो रही वृद्धि से आम लोगों में चिंता और नाराजगी का माहौल बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर सीधे बाजार और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा.
