छह दिन बाद शहर में लगेंगे झाड़ू

उम्मीद. नगर पर्षद के सफाईकर्मियों व प्रशासन के बीच बात बनी... आखिरकार छह दिन बाद नगर पर्षद के सफाई कर्मियों का मामला सलट ही गया. साल मांगों को लेकर कर्मचारी 19 से ही हड़ताल पर थे, जिसके कारण शहर की सफाई नहीं हो पायी. अब बुधवार से मुहल्लों में झड़ू लगने की उम्मीद है. सासाराम […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 25, 2016 8:04 AM

उम्मीद. नगर पर्षद के सफाईकर्मियों व प्रशासन के बीच बात बनी

आखिरकार छह दिन बाद नगर पर्षद के सफाई कर्मियों का मामला सलट ही गया. साल मांगों को लेकर कर्मचारी 19 से ही हड़ताल पर थे, जिसके कारण शहर की सफाई नहीं हो पायी. अब बुधवार से मुहल्लों में झड़ू लगने की उम्मीद है.

सासाराम कार्यालय : छह दिनों से कार्य स्थगन पर अड़े सफाई कर्मियों व प्रशासन के बीच मंगलवार को हुई वार्ता सफल रही. वार्ता में बुधवार को वरदी की राशि का भुगतान होने और इसी दिन से कार्य शुरू करने का निर्णय हुआ. इसके अलावा सफाई कर्मियों की अन्य सात मांगों को बोर्ड की आगामी बैठक में रखने का निर्णय हुआ.

वार्ता में उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार, डीएसपी आलोक रंजन, कार्यपालक पदाधिकारी, मनीष कुमार व भाकपा के जिला कोषाध्यक्ष सह बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी सघ नगर पर्षद सासाराम के अध्यक्ष कमलेश तिवारी आदि शामिल थे. संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वार्ता सफल रही. आठ मांगों में से सात मांगे बोर्ड की बैठक में रखे जाने का आश्वासन मिला है. 10 दिनों के अंदर वेतन भुगतान बकाया पंचम वेतनमान देने, षष्ठम वेतन मान देने की प्रक्रिया शुरू करने, दैनिक मजदूरी चार सौ रुपये करने, प्रोन्नति व ग्रुप बीमा देने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय पर कार्य स्थगन समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. बुधवार 25 मई से सफाई कर्मी कार्य शुरू करेंगे.

गौरतलब है कि वेतन की मांग को ले कर गत 19 मई की दूसरी पाली से नगर पर्षद के सफाई कर्मियों ने कार्य स्थगन कर दिया था. सफाई कर्मियों के कार्य स्थगन से शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गयी थी. 21 मई को मुख्य व उप मुख्य पार्षद के साथ हुई वार्ता असफल रही.

चेक के खेल में नरक बना शहर

कार्यपालक पदाधिकारी ने विभाग के अभियंताओं को थोक में वर्क ऑर्डर दिया, तो मुख्य पार्षद ने उनके द्वारा निर्गत चेकों के भुगतान पर रोक लगवा दी. कोषागार ने चेक के भुगतान पर रोक जमा दी. मामला पेंचिदा हो गया. नगर विकास विभाग से लेकर डीएम तक इसकी सूचना गयी. आपस में तालमेल के लिए पहल भी हुई. लेकिन, मामला फिट नहीं हो सका.

हालात बिगड़ते गये. 19 मई की दोपहर में वेतन की मांग को ले कर सफाई कर्मी कार्य स्थगन की घोषणा कर दी. इस बीच बुद्ध पूर्णिमा, शब-ए-बरात व चंदतन शहीद पीर पहाड़ी का मेला जैसे महत्वपूर्ण समय पर भी शहर की सफाई ठप रही. लोगों में नगर पर्षद के अंदरूनी कलह की चर्चा होने लगी. चर्चा है कि नप के एक कर्मी व एक अधिकारी की सह पर सफाई कर्मियों ने कार्य स्थगन किया. कार्य स्थगन पर बोर्ड को ंिचंतित होते नहीं देख तालाबंदी की रणनीति बनायी.