करगहर : रीवा गांव में चल रहे शराब के कारोबार के विरोध में गुरुवार को रीवा गांव व आसपास के गांवों के दर्जनों युवाओं ने प्रखंड परिसर में जम कर हंगामा किया तथा प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की.
हंगामा कर रहे रीवा गांव निवासी धर्मराज कुमार पासवान, राजू कुमार पासवान, उमेश कुमार प्रजापति, जेपी गुप्ता, जितेंद्र राम, रामप्रवेश, राजेश पासवान, राजेंद्र पाल, मुरारी राय आदि का कहना था कि प्रदेश में जब से शराबबंदी लागू हुई है, तब रीवा गांव में शराब का कारोबार व्यापक स्तर पर चल रहा है. प्रतिदिन दो तीन पिकअप से शराब उतार कर गांव व आसपास के गांवों में बेची जाती है. इसके बारे में पुलिस को भी पता है. लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती है. शिकायत करने पर शिकायतकर्ता का ही नाम पूछने लगती है.
लेकिन, कोई भी व्यक्ति अपना नाम इसलिए नहीं बताता है कि पुलिस व कारोबारियों के बीच साठसाठ है. जिससे पुलिस उनके नामो का खुलासा कर देगी. उन्होंने कहा कि गांव में शराब बेचे जाने से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है. रीवा व आसपास के आधा दर्जन गांवों के युवा पैसा कमाने के चक्कर में इस धंधे में संलिप्त होकर शराब सेवन के आदि हो गये हैं. इससे सामाजिक माहौल खराब हो रहा है.
उन्होंने कहा कि गत वर्ष शराब पीने के कारण रीवा गांव निवासी बबलू राय नामक युवक की मौत हो गयी थी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में 75 ग्रामीणों ने अपना हस्ताक्षर कर आवेदन थाने में दिया है, लेकिन आज तक शराब कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई नही की गयी. कहा कि अगर कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गयी, तो हमलोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
