सासाराम नगर : शहर के वार्ड 35 में जलजमाव की समस्या करीब 20 वर्षों से है. वार्ड के लोग समस्याओं के निदान के लिए गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं. जाड़े के मौसम में भी इस वार्ड में दो से पांच फुट तक पानी जमा होता है.
दो से 300 मीटर लंबी बांस की चचरी पुल बना कर लोग अपने घरों तक आते-जाते हैं. जल निकासी के लिए पांच साल पहले विधायक मद से बड़े नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन नाले का ग्राउंड लेवल ऊंचा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रहा है. नाला निर्माण के समय वार्ड के लोगों ने इसकी शिकायत नप के अधिकारी से की थी.
लेकिन, लोगों की शिकायतों को अनसुना कर दिया गया, जो इस समस्या का सबसे बड़ा कारण माना जाता है. 20 वर्षों में भी इस समस्या का निदान नहीं हुआ. इसके लिए प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि समान रूप से दोषी हैं. इन दोनों की अनदेखी से यह समस्या बनी हुई है.
इसका परिणाम वार्ड की जनता भुगत रही है. कभी कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधियों ने निदान निकालने के लिए पहल तक नहीं की. वार्ड पार्षद बिहारी प्रसाद ने कहा कि जब वह 2005 वर्ष में पहली बार पार्षद बने थे उसी समय बोर्ड में जलजमाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया था.
अगले चुनाव में भोला सिंह पार्षद बने. इन्होने भी इस समस्या को उठाया. लेकिन, नप की सरकार व अधिकारी जल निकासी के लिए योजना का प्रारूप भी नहीं बनाये. जब शहर में ड्रेनेज बनाने की योजना बनायी जा रही थी, उस समय इस क्षेत्र की अनदेखी की गयी, जबकि ड्रेनेज योजना में वार्ड 34 व अधिकारी जल निकासी के लिए योजना का प्रारूप भी नहीं बनाये.
जब शहर में ड्रेनेज बनाने की योजना बनायी जा रही थी, उस समय इस क्षेत्र की अनदेखी की गयी, जबकि ड्रेनेज योजना में वार्ड 34,35 व 36 को प्रमुखता से जोड़ना चाहिए था. नप की वर्तमान सरकार विरोधी खेमे के पार्षदों के वार्ड की अनदेखी करती रही है.
भय के साये में जी रहे लोग, घरों में घुस जाते हैं कीड़े
वार्ड के चारों तरफ बरसात व नाले का गंदा पानी जमा है. पूरा वार्ड तालाब बना हुआ है. उसमे जलीय घास व जलकुंभी लगा है. पानी में रहने वाले कीड़े पास के मकानों में घुस जाते हैं. जलीय सांप भी घरों में घुस जाते हैं.
लोग जब इनको रोकने के लिए पानी में कीटनाशक दवा का छिड़काव करते हैं, तो स्थिति और बदतर हो जाती है. कीटनाशक दवा के प्रभाव से मरे सांप व मेंढ़क के दुर्गंध से घरों में रहना मुश्किल हो जाता है.वार्ड के नागरिक अब आंदोलन के मूड में आ गये हैं. नगर पर्षद कि स्थिति को देख नहीं लगता है कि इस समस्या का समाधान होगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर में तेजी से नयी बस्तियां बस रही हैं. लोग बिना नक्शे के मकान बनाते जा रहे हैं. उनको खुद पता नहीं कि उनके मकान तक रास्ता है भी कि नहीं. उनके घरों से पानी की निकास कैसे होगी. सिर्फ मकान बनाने की होड़ मची है. बावजूद इन वार्डों से जल निकासी के लिए दूसरे फेज में ड्रेनेज बनाने के लिए योजना लाने का नप को निर्देश दिया गया है.
राजकुमार गुप्ता, सदर एसडीओ, सासाराम
