सासाराम ग्रामीण : शहर के फजलगंज स्थित नटराज होटल में सासाराम नगर पर्षद द्वारा दो दिवसीय छह अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रशिक्षण बुधवार से शुरू हुआ. इसमें वार्ड पार्षद, समाजसेवी व स्वयं सहायता समूह को ठोस व तरल प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गयी.
प्रशिक्षण सह कार्यशाला का उद्घाटन डीडीसी सुरेंद्र प्रसाद, एसडीओ राजकुमार गुप्ता, डॉ केएन तिवारी व नगर पर्षद इओ कुमारी हिमानी ने संयुक्त रूप से किया. प्रशिक्षण सह कार्यशाला में ट्रेनर ने बताया कि इस्तेमाल किये गये बेकार जल व ठोस कचरे का उचित प्रबंधन किया जाये, तो यह हमारे लिए संसाधन भी हो सकते हैं.
समस्या तब आती है जब इस्तेमाल किये गये तथा बेकार अवशेषों को फेंकने का जगह न मिले. ऐसे में उससे लोग अनेक प्रकार की बीमारियों से लोग ग्रसित हो जाते हैं. इसी को ध्यान केंद्रित कर उस कचरे को उपयोग में लाने के लिए विभिन्न वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है.
इसमें कृषि और ठोस अवशेष भी शामिल हैं, जिससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे व आमदनी का जरिया बढ़ेगा. इसके तहत शहर से लेकर गांव तक की छवि में सुधार आयेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो सकेगा. ट्रेनर ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट को शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में निस्तारण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया. उन्होंने कार्यशाला में मौजूद लोगों को स्वच्छता के प्रति व्यवहार में परिवर्तन लाने के निर्देश दिये.
कार्यशाला में जैविक और अजैविक कूड़े को पृथक-पृथक रखने, घरों के आसपास नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट पिट तैयार करने, जैविक कूड़े से खाद तैयार करने, कूड़ा प्रबंधन के लिए सामूहिक स्थान का चयन करने के लिए तैयार करने की सलाह दी. विषय विशेषज्ञ ने ग्रामीणों को गोबर तथा घास का उचित प्रबंधन करने, पॉलीथिन का प्रयोग नहीं करने, चाय की दुकानों में स्टील के गिलास का प्रयोग करने, प्लास्टिक पैकेट बंद खाद्य सामग्री का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित करने की अपील की.
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने सैनिटरी नैपकिन और बच्चों के डाइपरों को प्लास्टिक की थैलियों में निस्तारित न कर कागज में लपेट कर अलग से निस्तारित करने तथा साबुन सहित सभी प्रकार के रैपर सूखे डिब्बे में डालने की नसीहत दी. प्रशिक्षण में सदर बीडीओ स्मृति, सिटी मैनेजर, बिक्रमगंज इओ आदि मौजूद थे.
