दिनारा : समय-समय पर प्रखंड कृषि विभाग के प्रांगण में किसानों को खेती के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित होते हैं. खरीफ व रबी फसलों के विशेषज्ञ वैज्ञानिक भी उपस्थित रहते हैं. जो किसानों को खरीफ व रबी फसल के कम लागत पर अधिक उत्पादन की बात बताते हैं. पर एक सवाल जरूर सामने आ रहा है कि आखिर इन कार्यक्रमों से अधिकतर किसान अनजान क्यों रहते हैं.
कृषि विभाग के कार्यक्रमों से अनजान रहते हैं प्रखंड के अधिकतर किसान
दिनारा : समय-समय पर प्रखंड कृषि विभाग के प्रांगण में किसानों को खेती के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित होते हैं. खरीफ व रबी फसलों के विशेषज्ञ वैज्ञानिक भी उपस्थित रहते हैं. जो किसानों को खरीफ व रबी फसल के कम लागत पर अधिक उत्पादन की बात बताते हैं. पर एक सवाल जरूर […]

विभाग से आखिर अपने कर्मियों से किसानों के पास सूचना क्यों नहीं भेजवाया जाता. कृषि विभाग के कार्यक्रमों से अनजान रहनेवाले किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग भले ही पैसा खर्च कर कार्यक्रम आयोजित करता है. पर उसके लाभ से अधिक किसान वंचित रहते हैं. किसानों का आरोप है कि सिर्फ चुनिंदा किसानों को बुला कर विभाग कोरम पूरा कर लेता है. किसान सरोज पांडेय कहते हैं कि कृषि विभाग के प्रांगण में कब कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित होते हैं इसकी उनको जानकारी नहीं रहती है. और न ही विभाग से सूचना दी जाती है.
दूसरी ओर नदौवां गांव के किसान विनोद ठाकुर, डब्लू पांडेय आदि का आरोप है कि विभाग से प्रखंड में सिर्फ चुनिंदा किसानों को जानकारी देकर कोरम पूरा किया जाता है. प्रखंड के खखड़ही गांव के किसान विजय राय ने कहा कि उन्हें जानकारी ही नहीं है कि किसानों को खेती के प्रति जागरूक करने के लिए कोई कार्यक्रम भी किये जाते हैं. बीएओ दिनेश सिंह ने बताया कि किसान सलाहकार को किसानों को सूचना देने की जिम्मेदारी दी जाती है. अधिकतर किसान सूचना के बाद भी नहीं आते. गांवों में भी किसान चौपाल के माध्यम से किसानों को उन्नत खेती के बारे में बताया जाता है.