दावथ (रोहतास) : रोहिणी नक्षत्र शुरू हो गया है, परंतु अभी तक नहरों पानी नहीं आने से किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है. खरीफ फसलों की तैयारी व बुआई के लिए रोहिणी नक्षत्र उपयुक्त माना जाता है. इस नक्षत्र में खासकर धान के बिचड़े लगाने पर धान की रोपनी समय पर होती है. फसलों का उत्पादन बेहतर होता है लेकिन नहरों में पानी नहीं आया. दूसरी तरफ भूजल का स्तर नीचे चले जाने के कारण अधिकतर ओपेन बोरिंग से पानी नहीं निकल रहा है.
रोहिणी नक्षत्र शुरू, नहरों में पानी नहीं आने से किसान परेशान
दावथ (रोहतास) : रोहिणी नक्षत्र शुरू हो गया है, परंतु अभी तक नहरों पानी नहीं आने से किसानों की परेशानी बढ़ने लगी है. खरीफ फसलों की तैयारी व बुआई के लिए रोहिणी नक्षत्र उपयुक्त माना जाता है. इस नक्षत्र में खासकर धान के बिचड़े लगाने पर धान की रोपनी समय पर होती है. फसलों का […]

ऐसे में रोहिणी नक्षत्र में धान का बिचड़ा लगाना काफी मुश्किल हो गया है, जहां ओपेन बोरिंग में पानी है, वहां डिजल पंप पांच से छह घंटे चलाने के बाद मुश्किल से एक कठे खेत की सिंचाई हो पा रही है. इतना अधिक खर्च कर सभी किसान धान का बिचड़ा नहीं डाल सकते. दूसरी तरफ मवेशियों के लिए हरा चारा खेतों में पानी के अभाव में नहीं लगाया जा सका है. किसान सुशील तिवारी, हरिहर राय, विजय बहादुर, प्रमोद सिंह ने बताया कि पहले 25 मई को नहरों में धान का बिचड़ा गिराने के लिए पानी आ जाया करता था लेकिन इधर कुछ सालों से नहीं आ रहा है.