सासाराम (रोहतास) : ‘कौन कहता है? पर कटे परिंदे नहीं उड़ते, अपने दिल में उड़ने की तमन्ना जगाये रखना’ कविता की यह पंक्ति को सच करती नजर आयी एक मां.
दिव्यांग बेटी को मां ने पीठ पर लाद कर गुरुवार को मैट्रिक की परीक्षा दिलाने सेंटर पर पहुंची. शहर के मॉडल परीक्षा केंद्र श्री शंकर स्कूल तकिया पर मां ने उसे पहुंचाया. रमा जैन बालिका उच्च विद्यालय की दिव्यांग छात्रा सत्या कुमारी है, जो मैट्रिक की परीक्षा दे रही है. रीता देवी ने बताया कि घर के पुरुष काम पर गये हैं. मेरी बेटी पढ़े, इसकी तमन्ना सबको है. मेरी बेटी की पढ़ाई की राह में उसकी दिव्यांगता रुकावट नहीं बने, इसके लिए मैं उसकी सारथी बनी हूं.
