जब उपमुख्य पार्षद के वार्ड का यह हाल, तो बाकी का क्या होगा
मकबरे से सटी इस चहारदीवारी की हालत हो गयी बदतर
सासाराम नगर : शहर में नाला उड़ाही पर ढाई करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी नाले का गंदा पानी सड़क पर ही बह रहा है. वार्ड से पानी निकालने के लिए सड़क को काट कर नाला बनाया गया है. नगर पर्षद नाला उड़ाही के लिए पहले के बजट से पांच गुना रुपया खर्च किया. इसके बाद भी शहर की यह स्थिति है. शहर में लश्करीगंज बांध रोड वार्ड नंबर 18 के नाले का पानी शिवघाट रोड में जमा हो रहा है. इस वार्ड का प्रतिनिधित्व उप मुख्य पार्षद विजय महतो करते हैं.
जब उप मुख्य पार्षद अपने वार्ड में नाले के पानी की निकासी का व्यवस्था नहीं कर सके हैं, तो शहर के अन्य वार्डों में समस्याओं का निदान कैसे करेंगे. मकबरा के चहारदीवारी से सटे इस रोड की स्थिति बदतर हो गयी है. शिवघाट के पास नाले का गंदा पानी जमा है. रविवार को इसी गंदे पानी से होकर श्रद्धालु ताराचंडी धाम शोभायात्रा निकाले थे. सैकड़ों लोग ओढ़नी कढ़ईया लिए गंदा पानी में खड़े थे.
एक-दो दिन में शुरू होगा नाले का निर्माण
पहले वार्ड-18 के नाले का पानी सदर अस्पताल वाले नाले से होकर निकलता था. इस वर्ष उस नाले से निकासी नही हो पा रही है. शिवघाट रोड में नाला का निर्माण कर रामेश्वर साह के घर के समीप नाले से जोड़ दिया जायेगा. एक दो दिनों में नाला निर्माण का कार्य शुरू होगा.
विजय महतो, पार्षद सह उपमुख्य पार्षद, नगर पर्षद
वार्ड 18 में जल निकासी की नहीं है व्यवस्था
वार्ड 18 में जल निकासी का मार्ग अवरुद्ध हो गया है. पहले इस वार्ड के नाले का पानी सदर अस्पताल के बाउंड्री से सटे बने नाले से होकर रौजा रोड में जाता था. लेकिन, नाले की मुकम्मल सफाई नहीं होने से इस नाले का पानी लश्करीगंज बांध रोड के रास्ते से होकर शिवघाट रोड में बह रहा है. जब नाले की उड़ाही हो रहा था. उसी समय ही इस नाले की सफाई करा देना चाहिए था. लेकिन, ऐसा नही हो सका. शहर में अभी लगभग मुख्य नाले का निकासी नहीं है. शहर में ड्रेनेज का निर्माण कार्य चल रहा है. नप की सरकार शहर की जनता को ड्रेनेज का सब्जबाग दिखा रही है. जब नाला उड़ाही की योजना बनी थी.
शायद नप सरकार को इसका अंदाजा नही था कि बरसात शुरु होने के बाद शहर की स्थिति इतना बदतर हो जायेगी. चुकि उनको पता नहीं था कि किस नाले की सफाई कराने से जलजमाव नही होगा. आनन-फानन में बड़ी बजट बना लूट खसोट शुरू कर दिया गया. अब इसकी कलई खुलने लगी है.
भारी भरकम खर्च पर उठने लगे सवाल
नगर पर्षद पांच गुना बजट बढ़ा इस वर्ष शहर में नाले का उड़ाही कराया. दावा किया गया कि शहर के नालों की मुकम्मल सफाई करा दिया गया. जब नालों की मुकम्मल सफाई हो गयी थी, तो उप मुख्य पार्षद के वार्ड के नाले का पानी सड़क पर कैसे बह रहा है. उप मुख्य पार्षद सड़क को बीच में काट कर नाला बना दिये. लोगों को बहुत परेशानी हो रही है. इस रास्ते से सैकड़ो बच्चे स्कूल आते-जाते है. ऐसा कोई दिन नही कि उस नाले में गिरकर कोई न कोई बच्चा चोटिल न हुआ हो. शिवघाट रोड शहर का मुख्य सड़क माना जाता है. इसी रास्ते से लोग गोला बाजार, जानी बाजार व नवरतन बाजार आते-जाते है. स्थानीय लोगो ने बताया कि 15 दिन पहले नाले का पानी रौजा तालाब में गिराया जा रहा था. जब राज्यपाल का सासाराम में मकबरा देखने की जानकारी हुई तो चहारदीवारी को बंद कर दिया गया. जिससे अब नाले का पानी सड़क पर बह रहा है. डेढ़ माह से इस सड़क की यही स्थिति है. नगर पर्षद की सरकार को शहर की जनता के परेशानी से कुछ लेना देना नहीं है. जब नप सरकार के नुमाइंदे की वार्ड का यह स्थिति है तो अन्य वार्डों में क्या स्थिति होगी. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
