तेजस्वी यादव जल्द बदल सकते हैं आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष, तीन नाम रेस में आगे

RJD: बिहार में आरजेडी संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. विधान परिषद चुनाव के बाद तेजस्वी यादव नई प्रदेश कमिटी का ऐलान कर सकते हैं. मंगनी लाल मंडल की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की चर्चा तेज है.

RJD: बिहार विधान परिषद की 9 सीटों पर होने वाले चुनाव के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पार्टी संगठन में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर हो रही है. सूत्रों के मुताबिक मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की जगह किसी नए चेहरे को बिहार आरजेडी की कमान सौंपी जा सकती है.

तेजस्वी यादव दिल्ली से पटना लौटते ही पार्टी के जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. इन बैठकों में आरजेडी को बूथ स्तर पर मजबूत करने, नई रणनीति बनाने और नई प्रदेश कमिटी के गठन पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी. इसके तुरंत बाद नई टीम का एलान हो सकता है. माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ संगठन के कई अन्य पदों पर बैठे नेताओं को भी बदला जाएगा.

क्यों नाराज चल रहे हैं मंगनी लाल मंडल?

वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को पिछले साल यह जिम्मेदारी दी गई थी. हाल ही में उनके द्वारा जारी एक आधिकारिक चिट्ठी की काफी चर्चा हो रही है. इस पत्र में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के काम करने के तरीके पर नाराजगी जताई थी.

उन्होंने लिखा था कि कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम वरिष्ठ पदाधिकारियों को बिना जानकारी दिए आयोजित किए जा रहे हैं और पार्टी के नियमों की अनदेखी हो रही है. उन्होंने साफ किया था कि अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

रेस में तीन नाम आगे

मंगनी लाल मंडल की संभावित विदाई के बीच नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत और आलोक मेहता के नामों की चर्चा सबसे तेज है. कुमार सर्वजीत इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं. वह बोधगया विधानसभा सीट से आरजेडी के विधायक हैं और लालू प्रसाद यादव व तेजस्वी यादव दोनों के बेहद करीबी हैं.

इस रेस में दूसरा बड़ा नाम आलोक मेहता का है. आलोक मेहता के पास केंद्र और बिहार दोनों स्तर की राजनीति का लंबा अनुभव है. वह पूर्व लोकसभा सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में उजियारपुर सीट से आरजेडी के विधायक हैं. पार्टी के जमीनी कैडर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.

तीसरा नाम राजद सांसद सुधाकर सिंह का है. ये राजद के पूर्व प्रदेश चीफ जगदानंद सिंह के बेटे हैं. जमीन पर इनका पकड़ मजबूत माना जाता है. अगर पार्टी इनको प्रदेश चीफ बनाती है तो वोटरों में संदेश जायेगा कि राजद सिर्फ MY की नहीं बल्कि हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है.

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क्यों हो रहे हैं सांगठनिक बदलाव?

इस फेरबदल की मुख्य वजह पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजे हैं. उस चुनाव में आरजेडी को वोट शेयर तो अच्छा मिला था, लेकिन पार्टी उम्मीद के मुताबिक सीटें नहीं जीत पाई थी और महज 25 सीटों पर सिमट गई थी.

इसी कम सीट संख्या को देखते हुए तेजस्वी यादव अब भविष्य के चुनावों के लिए संगठन की कमियों को दूर करने में जुट गए हैं. वह संगठन को नया खून देने और एक नई आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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