Republic Day 2026: गांधी मैदान में सजेगी मिनी बिहार की झलक, 12 झांकियां दिखाएंगी विकास की रफ्तार

Republic Day 2026: गांधी मैदान में इस बार 12 विभागों की झांकियां बिहार की बदलती तस्वीर और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगी. जिला प्रशासन ने समारोह को यादगार बनाने के लिए कमर कस ली है और मैदान के अंदर झांकियों के निर्माण के लिए पंडाल सजने शुरू हो गए हैं, जिसने वहां आने वाले लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है.

By Pratyush Prashant | January 13, 2026 9:06 AM

Republic Day 2026: इस बार गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का गवाह नहीं बनेगा, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की कहानी का जीवंत मंच बनेगा. 26 जनवरी को राज्य के 12 विभाग अपनी-अपनी झांकियों के माध्यम से ‘नए बिहार’ की तस्वीर पेश करेंगे.

विकास, संस्कृति और सशक्तिकरण का भव्य संगम

इस वर्ष की झांकियों का मुख्य फोकस विकास योजनाओं, महिला सशक्तीकरण, समाज सुधार और लोक-कल्याणकारी कार्यक्रमों पर रहेगा. कला एवं संस्कृति विभाग अपनी झांकी के जरिए “परंपरा से संरक्षण तक, कलाकार की सतत यात्रा” विषय को जीवंत करेगा. यह झांकी बिहार की लोक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों को दिखाएगी. वहीं पर्यटन विभाग मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम की झलक दिखाकर राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन क्षमता को सामने लाएगा.

नारी शक्ति से राष्ट्र शक्ति का संदेश

परिवहन विभाग की झांकी “नारी शक्ति, राष्ट्र शक्ति” की भावना को दर्शाएगी, जिसमें महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता को प्रमुखता से दिखाया जाएगा. विधि विभाग की झांकी “स्वच्छ पर्यावरण, सशक्त भारत” के संदेश के साथ पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करेगी. यह साफ संकेत है कि इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी केंद्र में रहेगा.

ऊर्जा और सहकारिता से आत्मनिर्भर बिहार की झलक

ऊर्जा विभाग कजरा सौर ऊर्जा परियोजना पर आधारित झांकी प्रस्तुत करेगा, जो बिहार में हरित ऊर्जा की दिशा में हो रहे प्रयासों को दिखाएगी. सहकारिता विभाग “विकसित पैक्स–विकसित बिहार” थीम के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारी संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित करेगा. इससे यह संदेश जाएगा कि बिहार की मजबूती की जड़ें गांवों और किसानों में हैं.

कृषि और अग्निशमन सेवा की अहम भूमिका

कृषि विभाग “तेलहन से समृद्ध गांव” विषय पर आधारित झांकी के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने लाएगा. अग्निशमन सेवा विभाग की झांकी “कर्तव्य पर अडिग और अटल” के संदेश के साथ आपदा प्रबंधन और सुरक्षा सेवाओं के महत्व को उजागर करेगी.

पूर्वाभ्यास और तैयारियों में आई तेजी

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि गांधी मैदान में झांकियों के निर्माण के लिए पंडाल तैयार किए जा रहे हैं. सभी विभागों को अपने-अपने थीम के अनुरूप समय पर झांकियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है. 24 जनवरी को झांकियों का पूर्वाभ्यास किया जाएगा, ताकि गणतंत्र दिवस के दिन कोई कमी न रह जाए.

गांधी मैदान बनेगा ‘नए बिहार’ की पहचान

इस बार की झांकियां सिर्फ सजावटी नहीं होंगी, बल्कि वे बिहार के विकास मॉडल को जनता के सामने रखने का जरिया बनेंगी। महिला सशक्तीकरण से लेकर हरित ऊर्जा, ग्रामीण विकास से लेकर सांस्कृतिक विरासत तक, हर पहलू को एक मंच पर देखा जा सकेगा. गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में सजी ये झांकियां यह संदेश देंगी कि बिहार अब परंपरा और प्रगति, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है.

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