घूस लेते रंगे हाथ धराया SI, जमीन जांच के नाम पर मांग रहा था कमीशन

Raid In Bihar : बिहार के मधेपुरा जिले में विजिलेंस ब्यूरो ने पुरैनी थाना, जिला मधेपुरा के एक सब-इंस्पेक्टर को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें जमीन जांच के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया था.

Raid In Bihar : मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब आरोपी दारोगा एक जमीन संबंधी मामले की जांच रिपोर्ट पक्ष में देने के लिए पीड़ित से पैसों की मांग कर रहा था.

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह साफ हो गया है कि जनता के काम में अड़ंगा लगाकर जेब भरने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है.

शिकायत से गिरफ्तारी तक का पूरा घटनाक्रम

पूरा मामला मधेपुरा जिले के औरईया गांव का है. यहां के निवासी वशिष्ठ कुमार विश्वकर्मा ने 20 मार्च 2026 को पटना स्थित निगरानी ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. पीड़ित का आरोप था कि सीओ कार्यालय के एक वाद संख्या 53-25 की जांच का जिम्मा पुरैनी थाना के सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह को सौंपा गया था.

दारोगा जी जांच को आगे बढ़ाने और रिपोर्ट देने के एवज में लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे. शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप पूरी तरह सही पाए गए.

विजिलेंस ब्यूरो और रंगे हाथ गिरफ्तारी

आरोप की पुष्टि होते ही विजिलेंस ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक इकबाल मेहदी के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया. 7 अप्रैल 2026 को जैसे ही सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने पीड़ित से तय की गई 7 हजार रुपये की राशि अपने हाथ में ली, सादे लिबास में तैनात निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया.

आरोपी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए हैं, जो कोर्ट में ठोस सबूत के तौर पर पेश किए जाएंगे.

भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का कड़ा संदेश

विजिलेंस ब्यूरो की इस सफल कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सिस्टम एक्टिव मोड में है. एसपी इकबाल मेहदी ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत निगरानी विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर इसकी सूचना दें.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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