राघोपुर में बाढ़ ने डुबोई बच्चों की पढ़ाई, गांव में स्कूल नहीं

Watch Video: तेजस्वी यादव के राघोपुर में बाढ़ ने डुबोई बच्चों की पढ़ाई, पानी में फंसे छात्र बोले- हमारे यहां स्कूल बनवा दीजिए

राघोपुर में बाढ़ ने बच्चों की पढ़ाई का रास्ता बंद कर दिया है. जिन गांवों में स्कूल नहीं हैं, वहां के बच्चे बाढ़ के कारण दूसरे गांवों तक भी नहीं पहुंच पा रहे हैं. इन बच्चों की सरकार से अपने गांव में स्कूल बनवाने की मार्मिक अपील है.

Bihar Flood News : राघोपुर. बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच राघोपुर से सामने आई तस्वीरें शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. गंगा और गंडक के बढ़े जलस्तर ने दर्जनों गांवों को पानी से घेर दिया है. सड़कें डूब गई हैं, स्कूलों में पानी भर गया है और बच्चों का पढ़ाई के लिए दूसरे गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. सबसे बड़ी परेशानी उन गांवों के बच्चों की है, जहां अब तक स्कूल की व्यवस्था ही नहीं हो सकी है.

गांव में स्कूल नहीं, बाढ़ में दूसरे गांव जाना भी मुश्किल

राघोपुर के जमालपुर गांव के बच्चों ने बताया कि उनके गांव में स्कूल नहीं है. पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे गांव के स्कूल जाना पड़ता है. लेकिन इस समय बाढ़ का पानी रास्तों पर भर जाने के कारण स्कूल जाना बंद हो गया है. बच्चों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है.

एक छोटे बच्चे ने सरकार से अपने गांव में स्कूल बनाने की मांग की. उसने कहा कि अगर गांव में ही स्कूल होगा तो बाढ़ के दौरान दूसरे गांव जाने की परेशानी नहीं होगी.

'स्कूल में पानी भर गया, पढ़ने कैसे जाएं'

बाढ़ प्रभावित बच्चों का कहना है कि अभी रास्ते पूरी तरह पानी में डूबे हैं. कई जगह यह समझना मुश्किल है कि सड़क कहां है और पानी कहां. ऐसे में अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने का जोखिम नहीं उठा रहे हैं.

एक छात्र ने बताया कि जिस स्कूल में वे पढ़ने जाते हैं, वहां भी पानी भर गया है. स्कूल बंद है और रास्ता भी बंद हो गया है. ऐसे हालात में पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई है.

10वीं के छात्रों की चिंता- परीक्षा कैसे होगी?

राघोपुर के एक छात्र ने बताया कि वह 10वीं कक्षा में पढ़ता है और अगले साल परीक्षा देनी है. उसके अनुसार पहले भी पढ़ाई में परेशानी हुई और अब बाढ़ के कारण स्कूल बंद है. छात्र ने कहा कि अगर इसी तरह स्कूल बंद रहा तो परीक्षा की तैयारी पर सीधा असर पड़ेगा.

छात्र ने यह भी बताया कि स्कूल के प्रधानाध्यापक की ओर से उम्र संबंधी गलती के कारण उसकी पढ़ाई एक साल पीछे हो गई. अब वह अगले साल 10वीं की परीक्षा देने की तैयारी कर रहा है.

हर साल बाढ़, हर साल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित

ग्रामीणों का कहना है कि राघोपुर में बाढ़ कोई नई समस्या नहीं है. हर साल गंगा और गंडक के बढ़े जलस्तर का असर गांवों पर पड़ता है. लेकिन बाढ़ के दौरान शिक्षा व्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित होती है.

जहां स्कूल मौजूद हैं, वहां पानी भरने से पढ़ाई बंद हो जाती है और जिन गांवों में स्कूल नहीं हैं, वहां के बच्चों के सामने दूसरे गांव तक पहुंचने का संकट खड़ा हो जाता है.

पटना से महज 30 किमी दूर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

राघोपुर राजधानी पटना से करीब 20 से 30 किलोमीटर की दूरी पर है. इसके बावजूद कुछ गांवों के बच्चों को बुनियादी शिक्षा के लिए दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. सरकार की ओर से अंतिम पंक्ति तक शिक्षा पहुंचाने के दावों के बीच जमालपुर के बच्चों की यह तस्वीर व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े करती है.

बच्चों की सरकार से सीधी मांग- 'हमारे गांव में स्कूल बनवा दीजिए'

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बच्चों ने सरकार से सीधी अपील की. उनका कहना है कि उनके गांव में स्कूल बनाया जाए और ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे बाढ़ के समय भी उनकी पढ़ाई जारी रह सके.

बच्चों का कहना है कि वे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन बाढ़ और स्कूल की दूरी के कारण मजबूर हैं. अब देखना होगा कि इन बच्चों की आवाज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन तक पहुंचती है या नहीं.

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By विवेक सिंह

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