जीविका निधि की अवधारणा व कार्य प्रणाली पर उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित

जीविका निधि की स्थापना एवं इसके संचालन पर विस्तृत चर्चा

कार्यशाला में जीविका निधि की स्थापना एवं इसके संचालन पर विस्तृत चर्चा

जीविका निधि जीविका दीदियों के लिए सस्ता, सुलभ व पारदर्शी ऋण : अनूप

पूर्णिया. शहर के खुश्कीबाग के रिवेरा स्थित जीविका क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान में शुक्रवार को जिले के जीविकाकर्मियों को जीविका निधि की अवधारणा तथा इसकी कार्य प्रणाली पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें जीविकाकर्मियों के साथ सभी स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया. कार्यशाला में बतौर प्रशिक्षक पहुंचे अनूप कुमार व राजेश कुमार ने जीविका निधि की स्थापना एवं इसके संचालन पर विस्तृत चर्चा की और प्रतिभागियों को इसके स्वरुप तथा इसकी रूप रेखा पर विस्तार से जानकारी दी. कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा जीविका निधि से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे गए. प्रशिक्षक द्वारा विभिन्न सत्रों में इन सभी सवालों का जवाब सरल तरीके से दिया गया. इससे पहले कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक ओम प्रकाश मंडल ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष पूरे राज्य में जीविका निधि नामक सहकारी संस्था की स्थापना का निर्णय लिया. उन्होनें कहा कि एक सर्वेक्षण के मुताबिक़ राज्य की अधिकतर महिलाएं ख़ास कर ग्रामीण महिलाएं अपनी आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च ब्याज दर पर विभिन्न माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से मजबूरन कर्ज ले लेती हैं जिससे वे कम से कम 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से वापस करती हैं. इस महंगे ब्याज वाले कर्ज के चंगुल में वे इस तरह से फसती हैं कि उनकी आमदनी का समस्त श्रोत ऋण अदायगी में ही चला जाता है जिसका नकारात्मक प्रभाव महिला के पूरे परिवार पर पड़ता है. कार्यशाला में जीविका निधि की आवश्यकता बताते हुए प्रशिक्षक अनूप कुमार ने कहा कि जीविका निधि का मूल उद्देश्य जीविका दीदियों को सस्ता, सुलभ तथा पारदर्शी तरीके से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है. यह महिलाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आय सृजन की गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम करेगी. उन्होनें बताया कि इसके प्रबंधन में महिलाओं की मजबूत भूमिका होगी. बैंकों के माध्यम से समूहों को मिलने वाले ऋण में जो देरी होती है, जीविका निधि के आने से अब वैसा नहीं होगा.उन्होंने कहा कि जीविका का संकुल संघ प्रार्थमिक सदस्य के रूप में काम करेगा. राज्य को कुल 12 भागों में बांटकर जीविका निधि के संचालन, गठन तथा अनुश्रवण किया जाना है. कुल 144 लोगों को चयनित करते हुए सामान्य निकाय का गठन किया जायेगा. इन सदस्यों द्वारा अगले स्तर के लिए 12 सदस्यों का चुनाव किया जायेगा जो जीविका निधि के निदेशक मंडल के सदस्य होंगे. इसमें तीन अन्य सदस्य होंगें जो राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी होंगे. उन्होंने बताया कि इस निधि की शुरुआत कुल 1800 करोड़ रुपये से की जा रही है जिसमें राज्य सरकार तथा जीविका के सामुदायिक संस्थानों के द्वारा आवंटित राशि शामिल है. जीविका निधि के संचालन में बीपीएम, क्षेत्रीय समन्वयक तथा संकुल संघ की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे जिला तथा राज्य स्तर पर किस प्रकार अनुश्रवण किया जायेगा. शुक्रवार के कार्यशाला में जीविका निधि से सम्बंधित समझ को सभी परियोजना कर्मी अपने-अपने क्षेत्र में गठित जीविका के विभिन्न सामुदायिक संस्थानों तक ले जायेंगे. जीविका निधि की पूरी प्रणाली को मोबाइल एप्प के माध्यम से डिजिटल रूप में संधारित किया जा रहा है जो इसके सभी लाभुकों तक उपलब्ध होगा. इस कोष से होने वाले सभी लेन-देन सभी लाभुक अपने मोबाइल के माध्यम से देख सकेंगे. मांग तथा वापसी का नियोजन भी मोबाइल के माध्यम से किया जा सकेगा. कार्यशाला में सभी प्रखंडों के प्रखंड परियोजना प्रबंधक, क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक, जीविकोपार्जन विशेषज्ञ, कार्यलय सहायक, लेखापाल, विषयगत प्रबंधक समेत 140 से अधिक कर्मी मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AKHILESH CHANDRA

AKHILESH CHANDRA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >