पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
सीमांचल के पूर्णिया जिले में अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के कारण एक फिर एक बेगुनाह महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी है. जिले के जलालगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मिश्रीनगर गांव में मंगलवार अहले सुबह सर्पदंश (सांप के काटने) की शिकार हुई एक महिला की इलाज में देरी के चलते मौत हो गई. घटना के तुरंत बाद परिजन महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय घंटों स्थानीय तांत्रिक के पास झाड़-फूंक कराते रहे. जब महिला अचेत हो गई और जहर पूरे शरीर में फैल गया, तब परिजन उसे जीएमसीएच (GMCH) पूर्णिया लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
बिछावन से नीचे पैर रखते ही विषैले सांप ने डसा
मृतका की पहचान जलालगढ़ के मिश्रीनगर निवासी बिनोद मरांडी की पत्नी बहा मुर्मू के रूप में की गई है.
- अहले सुबह का हादसा: परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बहा मुर्मू मंगलवार तड़के रोजमर्रा की तरह अपने कमरे में बिछावन से नीचे उतर रही थीं. इसी दौरान फर्श पर पहले से छिपकर बैठे एक विषैले सांप ने उनके पैर में डस लिया.
- चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजन: महिला की चीख सुनकर परिवार के लोग तुरंत कमरे में पहुंचे. जब महिला ने पैर में सांप के काटने की बात बताई, तो घर में अफरा-तफरी मच गई.
अंधविश्वास पड़ा भारी: अस्पताल के बदले तांत्रिक के दर पहुंचे परिजन
घटना के बाद अगर परिजन समझदारी दिखाते और तुरंत एंबुलेंस या गाड़ी से पीड़िता को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सदर अस्पताल ले जाते, तो शायद उनकी जान बच सकती थी:
- झाड़-फूंक में बीता कीमती समय: परिजनों ने चिकित्सीय इलाज कराने के बजाय अंधविश्वास का सहारा लिया और महिला को गांव के ही एक तांत्रिक/गुणी के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए.
- पूरे शरीर में फैला जहर: तांत्रिक के पास काफी देर तक तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक का ड्रामा चलता रहा. इस दौरान शरीर में रक्त संचार के साथ सांप का घातक जहर तेजी से फैलता गया और महिला की स्थिति बिगड़ती चली गई.
- अचेत होने पर भागे अस्पताल: जब महिला पूरी तरह बेसुध होकर अचेत हो गई और तांत्रिक के हाथ-पांव फूलने लगे, तब घबराए परिजन उसे जीएमसीएच पूर्णिया लेकर भागे.
जीएमसीएच लाते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जीएमसीएच पूर्णिया के इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही महिला को मृत घोषित कर दिया. महिला की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया और चीख-पुकार मच गई.
चिकित्सकों की महत्वपूर्ण सलाह:
अस्पताल पहुंचने में बहुत देर हो चुकी थी, शरीर में जहर पूरी तरह फैल चुका था. यदि परिजनों ने झाड़-फूंक में समय बर्बाद न कर महिला को तुरंत स्नैक बाइट (Snakebite) के बाद एंटी-वेनम (Anti-Venom) इंजेक्शन के लिए अस्पताल लाया होता, तो उसकी जान आसानी से बचाई जा सकती थी. सांप काटने पर झाड़-फूंक केवल मौत को बुलावा देना है.
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