पीएचसी से नहीं मिला शव वाहन, तो बाइक से नौ किमी दूर घर ले गये परिजन

जिले के जलालगढ़ पीएचसी की ओर से शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, तो युवक के शव को परिजन बाइक से घर ले गये. मृतक विकास कुमार (24) जलालगढ़ प्रखंड की एकंबा पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पिपरपांती निवासी भरतलाल साह का पुत्र था.

जलालगढ़ (पूर्णिया). जिले के जलालगढ़ पीएचसी की ओर से शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया, तो युवक के शव को परिजन बाइक से घर ले गये. मृतक विकास कुमार (24) जलालगढ़ प्रखंड की एकंबा पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पिपरपांती निवासी भरतलाल साह का पुत्र था. इस संबंध में पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मो तनवीर हैदर ने बताया कि शव को विशेष परिस्थिति में एंबुलेंस उपलब्ध होता है. इसके लिए ऑनलाइन बुक करना पड़ता है. साथ ही शव वाहन भी उपलब्ध होता है. बताया कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन इसकी जांच की जायेगी. जानकारी के अनुसार, शनिवार की देर शाम मृतक विकास कुमार अपने पंचायत में ही परमान नदी धार में डूब गया था. परिजनों ने बताया कि विकास को पानी से जब बाहर निकाला तो उसे तुरंत जलालगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आये. जहां मौजूद डॉक्टर ने उसकी जांच की. करीब 8:45 बजे अस्पताल के डॉ शिवेश ने मृतक के परिजनों को अस्पताल के इमरजेंसी पर्ची पर लिखित जानकारी देते हुए बताया कि उसकी मौत अस्पताल आने से पहले ही चुकी थी. वहीं परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए शव को घर ले जाने के लिए वाहन की तलाश की. कोई निजी वाहन उपलब्ध नहीं होने पर अस्पताल परिसर में लगी एंबुलेंस चालक से एंबुलेंस की मांग की. जहां चालक ने एंबुलेंस देने से मना कर दिया और परिजनों को बताया कि शव ले जाने के लिए यह वाहन नहीं है. इसके लिए जिला से शव वाहन मिलता है. इधर, मृतक की मां अपने इकलौते पुत्र की मौत की खबर सुन चीत्कार कर रही थी और वह अपने मृतक पुत्र के शव के पास ही विलाप कर रही थी. मृतक की मां शोभा देवी ने बताया कि पीएचसी में डॉ शिवेश मिश्रा ने बताया कि इसकी मौत पहले ही हो चुकी है. स्थिति को देखते हुए परिजनों ने शव को अस्पताल के बेड से उठाकर उसे कंधे में लेकर बाइक में सहारा दिया और शव को एकंबा के पिपरपांती गांव लेकर गये. परिजनों ने बताया कि अस्पताल से उसका घर करीब 9 किमी दूर है. मृतक चार बहनों में अकेला भाई था. दो बहनें बड़ी है और दो छोटी है. मां-बाप, भाई-बहनों सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. इधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार व आरटीआइ संगठन भारत के धीरज कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से बात की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Bhaskar

Abhishek Bhaskar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >