अन्नदाता की जमीन छिनने नहीं देंगे, अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे : सांसद

पूर्णिया

पूर्णिया. जिले के नगर प्रखंड के बिठनौली, गणेशपुर और दुबे चकला मौजा में प्रस्तावित 280 एकड़ भूमि अधिग्रहण के विरोध में शनिवार को सबूतर, बैरगाछी और घरारी गांव में गरीब मजदूर किसान संघ की ओर से एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई. मुख्य अतिथि के रूप में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव शामिल हुए. उनके साथ हजारों की भीड़ में स्थानीय किसान, मजदूर, महिलाए, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. महापंचायत को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सरकार किसानों की जमीन छीनकर विकास नहीं कर सकती.उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अन्नदाता की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च है.सरकार को किसानों की सहमति के बिना एक इंच जमीन लेने का भी अधिकार नहीं है. अगर गरीब, भूमिहीन और रैयत किसानों की अनदेखी हुई, तो वे किसानों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक आंदोलन चलाएंगे.पप्पू यादव ने कहा कि चुनाव से पहले कुछ नेताओं ने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया था कि भूमि अधिग्रहण नहीं होगा, लेकिन चुनाव जीतते ही उन्होंने कहा हमसे नहीं होगा, सरकार जाने. उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी और पप्पू यादव जैसे लोग जिंदा हैं, तब तक किसी किसान की रैयती जमीन छिनने नहीं देंगे. आप सरकारी जमीन का उपयोग कीजिए, बियाडा में लीज पर दीजिए,फैक्ट्रियां लगाइए, लेकिन गरीबों की पुश्तैनी जमीन पर अत्याचार नहीं होने देंगे.सांसद ने महापंचायत मंच से एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि के० नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी तथा गैरमजरवा जमीनों का गलत ढंग से म्यूटेशन किया गया है. सांसद ने मांग की कि सरकार पहले शहरों और प्रखंडों में सरकारी जमीन की सूची सार्वजनिक करे और अवैध रूप से कब्जा किये लोगों से जमीन वापस ले. महापंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि बिना भरोसेमंद मुआवजे, बिना वैकल्पिक जमीन और बिना किसी रोजगार योजना के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया उन पर जबरन थोपने का प्रयास किया जा रहा है.पप्पू यादव ने कहा कि सबूतर गांव की महिलाएँ, बुजुर्ग और युवा अपनी आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और भविष्य को बचाने के लिए एकजुट होकर खड़े हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, जब तक उनकी जमीन सुरक्षित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. यह लड़ाई उनकी नहीं, पूरे समाज की है.सभा में उपस्थित हजारों लोगों ने प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को पूरी तरह रद्द करने की मांग दोहराई. साथ ही यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया कि यदि सरकार ने किसानों की आवाज़ नहीं सुनी, तो आगे और बड़े आंदोलन शुरू किए जाएंगे. इस मौके पर संजय सिंह, राजेश यादव, दिवाकर चौधरी मो. नजीर, मो. कमर, मो. आदिल, मनोज यादव (पूर्व मुखिया), मो. जहूर, मो. आलम, अजय साह, छोटू साह, अशोक दास शंभू मंडल, मो. समीम, बुदेव मंडल और मो. साहिल समेत कई स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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Author: ARUN KUMAR

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