UG Admission: पूर्णिया से लोकल न्यूज डेस्क की रिपोर्ट: पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnia University) के अंतर्गत सीमांचल के चारों जिलों (पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज) के 63 डिग्री कॉलेजों में स्नातक (Graduation) की 60 हजार से अधिक सीटों पर नामांकन के लिए मंगलवार सुबह 10:00 बजे से ऑनलाइन आवेदन का दौर शुरू हो गया है. विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव (शैक्षणिक) डॉ. नवनीत कुमार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि ‘समर्थ पोर्टल’ (Samarth Portal) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से लाइव हो गई है और छात्र सुचारू रूप से फॉर्म भर रहे हैं.
सीमांचल के इन 63 कॉलेजों में होगा एडमिशन, तीन श्रेणियों में बंटे हैं संस्थान
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, छात्र अपनी पसंद और सहूलियत के हिसाब से तीन अलग-अलग श्रेणियों के कुल 63 कॉलेजों के लिए विकल्प चुन सकते हैं:
- अंगीभूत (Constituent) कॉलेज: पूर्णिया विवि के अंतर्गत आने वाले सभी 15 मुख्य अंगीभूत कॉलेज.
- नवगठित प्रखंड डिग्री कॉलेज: ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए नए बनाए गए 21 प्रखंड डिग्री कॉलेज.
- संबद्ध (Affiliated) कॉलेज: 27 स्थायी एवं अस्थायी संबंधन (एफिलिएशन) प्राप्त निजी व सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज.
आवेदन के लिए प्रमुख गाइडलाइंस: इस बार बदले विकल्प के नियम
सत्र 2026 के नामांकन में विश्वविद्यालय ने चॉइस लॉकिंग और विकल्पों को लेकर कुछ कड़े और नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- 2 विषय और 11 कॉलेजों का विकल्प: इस बार आवेदकों को फॉर्म भरते समय अधिकतम दो अलग-अलग विषयों (मेजर सब्जेक्ट्स) और कुल 11 कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर चुनने का विकल्प दिया गया है.
- वैध मोबाइल और ईमेल अनिवार्य: प्रत्येक आवेदक के पास अपना व्यक्तिगत और चालू (Active) मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी होना अनिवार्य है. पूरी नामांकन प्रक्रिया के दौरान ओटीपी और मेरिट लिस्ट की सूचना इसी पर आएगी.
- फोटो का नियम: आवेदन में केवल नवीनतम (लेटेस्ट), रंगीन और पूरी तरह स्पष्ट चेहरा दिखने वाला पासपोर्ट फोटो ही स्वीकार किया जाएगा. धुंधली तस्वीर होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है.
ऑनलाइन फॉर्म भरते समय ये दस्तावेज करने होंगे अपलोड (Important Documents Required)
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और फॉर्म सबमिशन के दौरान छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी:
- नवीनतम पासपोर्ट आकार का फोटो और हिंदी/अंग्रेजी में हस्ताक्षर (Signature).
- 10वीं (मैट्रिक) तथा 12वीं (इंटरमीडिएट) का मूल अंकपत्र (Marksheet).
- वेब कॉपी का नियम: यदि किसी छात्र के पास ओरिजिनल मार्कशीट नहीं है, तो वे ऑनलाइन जारी अंकपत्र (वेब कॉपी) या डिजिलॉकर (Digilocker) से डाउनलोड की गई प्रति को अपने संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) से अनिवार्य रूप से सत्यापित (Attest) कराकर अपलोड कर सकते हैं.
- जाति प्रमाणपत्र (आरक्षित वर्ग के दावों और आरक्षण लाभ के लिए, यदि लागू हो).
छठे पेपर (एक्स्ट्रा सब्जेक्ट) को मेजर विषय बनाने का खास नियम
यदि किसी छात्र ने 12वीं (इंटर) की परीक्षा में छठे पेपर को अतिरिक्त विषय (Additional/Extra Subject) के रूप में रखा था और अब वे स्नातक में उसी एक्स्ट्रा पेपर वाले विषय को अपना मुख्य विषय (Major Subject) बनाना चाहते हैं, तो उनके लिए फॉर्म भरने का नियम अलग है:
विशेष निर्देश: ऐसे आवेदक एडमिशन फॉर्म भरते समय अपना कुल प्राप्तांक (Total Marks) छठे पेपर के अंकों को जोड़कर भरेंगे. इस स्थिति में वे अपने पांचवें पेपर (5th Paper) के अंक को कुल प्राप्तांक में शामिल नहीं करेंगे (अर्थात पांचवें पेपर का अंक छोड़ना होगा).
इंटर साइंस पास छात्रों के लिए सुनहरा मौका, ITI और डिप्लोमा धारकों को भी मौका
- साइंस के छात्र बदल सकते हैं स्ट्रीम: यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि केवल इंटर साइंस (I.Sc) उत्तीर्ण विद्यार्थी ही स्नातक में तीनों संकायों (विज्ञान, कला और वाणिज्य यानी साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स) में से किसी भी संकाय के किसी भी विषय को अपने मेजर विषय (Honours) के रूप में चुन सकते हैं.
- ITI और पॉलिटेक्निक छात्रों को राहत: मैट्रिक (10वीं) उत्तीर्ण करने के बाद जिन छात्र-छात्राओं ने दो वर्षीय आईटीआई (ITI) या तीन वर्षीय अभियंत्रण डिप्लोमा (Polytechnic Engineering Diploma) कोर्स पूरा किया है, उन्हें भी सामान्य इंटरमीडिएट के समकक्ष मानते हुए इस बार स्नातक प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए समर्थ पोर्टल पर आवेदन करने की विशेष व्यवस्था की गई है.
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