National Ranking : पूर्णिया का उफरैल मध्य विद्यालय एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय’ की अखिल भारतीय रैंकिंग में इस सरकारी विद्यालय ने पूरे देश में 21वां स्थान हासिल किया है. बेगूसराय के एक विद्यालय के बाद यह बिहार का दूसरा सरकारी स्कूल है जिसने यह उपलब्धि हासिल की है, जबकि पूर्णिया जिले का यह एकमात्र सरकारी विद्यालय है जिसने राष्ट्रीय सूची में अपनी जगह बनाई है.
राष्ट्रीय स्तर पर चमका पूर्णिया का सरकारी विद्यालय
स्वच्छता, हरियाली और बेहतर विद्यालय प्रबंधन के क्षेत्र में उफरैल मध्य विद्यालय ने एक नई पहचान बनाई है. अखिल भारतीय ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय’ रैंकिंग में विद्यालय ने पूरे देश में 21वां स्थान प्राप्त किया है. यह उपलब्धि केवल पूर्णिया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है. सरकारी विद्यालयों में बेगूसराय के एक स्कूल के बाद यह बिहार का दूसरा विद्यालय है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी ऊंची रैंक हासिल की है. वहीं निजी विद्यालयों की श्रेणी में विद्या विहार और जीडी गोयनका स्कूल भी इस सूची में शामिल हैं.
1.64 करोड़ विद्यालयों के बीच मिली बड़ी सफलता
इस प्रतिष्ठित रैंकिंग के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन रही. पांच चरणों में हुए मूल्यांकन के दौरान देशभर के लगभग 1 करोड़ 64 लाख सरकारी और निजी विद्यालयों का आकलन किया गया. प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर चयन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर दो बार विद्यालय का निरीक्षण किया गया. इतने व्यापक मूल्यांकन के बाद देशभर में 21वां स्थान हासिल करना विद्यालय के शिक्षकों, छात्रों और प्रबंधन की मेहनत का प्रमाण माना जा रहा है.
पहले भी बिहार में बना चुका है नंबर वन
उफरैल मध्य विद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है. वर्ष 2021-22 में भी ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय’ रैंकिंग में इस विद्यालय ने पूरे बिहार में पहला स्थान हासिल किया था. लगातार बेहतर प्रदर्शन ने विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है और यह अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए प्रेरणा बन गया है.
सामूहिक प्रयास से मिली ऐतिहासिक सफलता
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्राचार्य अर्चना ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता विद्यालय विकास समिति, शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग के सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाता है. पढ़ाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, खेलकूद और जनजागरूकता गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसका सकारात्मक परिणाम आज पूरे देश के सामने है.
विद्यालय में खुशी का माहौल
विद्यालय की इस उपलब्धि पर स्थानीय लोगों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने खुशी जताई है. शिक्षक अभिषेक पंकज, पूजा कुमारी, राजीव रंजन भारती, संजीव कुमार, निशा कुमारी, पायल, चंदा कुमारी, निशा गुप्ता, कंचन, शबाना अंजुम, गीता, सोनी, कंचन कुमारी, शिव शंकर हलदार सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने इसे पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया.
