पूर्णिया. सहकारिता विभाग द्वारा सरकारी दर पर किसानों से धान की खरीद का मामला भुगतान को लेकर उलझ गया है. हालांकि जिले के पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में किसानों से धान की खरीद का कार्य चल रहा है लेकिन एसएफसी द्वारा कार्यरत समितियों को बकाया राशि का भुगतान नहीं किये जाने से धान खरीद के प्रति उनका उत्साह कम हो गया है. मिली जानकारी के अनुसार एसएफसी को चावल उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अनेक पैक्सों की बड़ी राशि बकाये के रूप में जमा हो गयी है. अगर राशि की बात की जाय तो अबतक एसएफसी को लगभग 96 करोड़ से अधिक की राशि के चावल की आपूर्ति की गयी है जिसके एवज में एसएफसी द्वारा अबतक अमूमन 78 करोड़ राशि का भुगतान जिले की समितियों को किया गया है. इस वजह से अनेक प्रखंडों में समितियों के अमूमन 1 करोड़ रूपये से ज्यादा की राशि बकाया हो गयी है इनमें से सबसे ज्यादा बकाया बनमनखी प्रखंड का है जहां कार्य कर रही समितियों का अमूमन 2 करोड़ से ज्यादा भुगतान बाकी है. बताया जाता है कि बकाया राशि के भुगतान के लिए फंड की कमी आड़े आ रही है. इस कारण इधर धान की खरीद प्रभावित हो रही है. गौरतलब है कि इस सत्र में धान की सरकारी खरीद 31 मार्च तक निर्धारित है और अबतक निर्धारित लक्ष्य 1 लाख 3 हजार एमटी की तुलना में विभाग द्वारा लगभग 97 हजार एमटी धान की खरीद सुनिश्चित हो पायी है. मिली जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर सहकारिता विभाग पत्राचार कर रहा है. बोले अधिकारी जिले के चयनित पैक्सों एवं व्यापारमंडलों में धान खरीद का कार्य चल रहा है. यह कार्य 31 मार्च तक किया जाना है. इधर समितियों के भुगतान को लेकर थोड़ी परेशानी की बात सामने आयी है. इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा उच्च अधिकारियों के साथ साथ एसएफसी के पदाधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है जल्द ही मामला के सुलझ जाने की उम्मीद है. अजीत कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी —————————————- प्रखंड का नाम एसएफसी को प्राप्त सीएमआर अमौर 2059.000 एमटी बैसा 2001.000 एमटी बैसी 1943.000 एमटी बनमनखी 2755.000 एमटी बडहरा कोठी 1566.000 एमटी भवानीपुर 986.000 एमटी डगरुआ 2929.000 एमटी धमदाहा 1914.000 एमटी जलालगढ़ 1479.000 एमटी कसबा 1943.000 एमटी कृत्यानंद नगर 2436.000 एमटी पूर्णिया पूर्व 2871.000 एमटी रुपौली 1537.000 एमटी श्रीनगर 986.000 एमटी
जिले में धान खरीद को लेकर फंसा पेच, समितियों को भुगतान में हो रही है देरी
समितियों को भुगतान में हो रही है देरी
