प्रेम, सत्य व करुणा से समाज में परिवर्तन : स्वामी सत्यानंद

स्वामी सत्यानंद बोले

भवानीपुर. प्रखंड के बसंतपुर चिंतामणि उसकावेरी पंचायत के मधवापुर में आयोजित दो दिवसीय संतमत सत्संग में हरिद्वार से पधारे परम पूज्य स्वामी सत्यानंद जी महाराज के दिव्य आशीर्वचन के श्रवण से सत्संग प्रेमी अभिभूत हो गए. उन्होंने कहा कि संतमत की परंपरा समाज को प्रेम, सत्य, करुणा और आत्मिक जागृति का संदेश देती है. संतों के वचनों में वह शक्ति निहित है, जो मनुष्य को जीवन के सही मार्ग की ओर अग्रसर करती है. उन्होंने कहा कि संतों की वाणी हमारी आत्मा को निर्मल करती है और समाज को एकता, सद्भाव तथा नैतिक मूल्यों की दिशा प्रदान करती है. संतमत सत्संग न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि यह हमें अपने कर्तव्यों, संस्कारों और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित भी करता है. समाज में सद्भाव बनाए रखने और युवाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए ऐसे सत्संग अत्यंत आवश्यक हैं. संतमत के अनुयायियों और सभी श्रद्धालुओं के लिए शांति, समृद्धि और निरंतर आध्यात्मिक उन्नति ही सबसे बड़ी कुंजी है. सत्संग हमेशा मन को शांति प्रदान करती है . सत्संग के बिना जीवन अधूरा है. सत्संग के बिना मानव को मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि कुछ ना कुछ समय निकालकर परमहंस महर्षि मेंही दास जी के विचारों पर ध्यान रखकर स्मरण करने से सारे दुख दूर हो जाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Bhaskar

Abhishek Bhaskar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >