यूजी में लंबी वेटिंग लिस्ट को ले अप्रचलित विषयों की सीटों का हस्तांतरण जरूरी

सीमांचल के 34 कॉलेज में स्नातक में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थियों की लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए आर्ट्स के अप्रचलित विषयों की सीटों का हस्तांतरण जरूरी हो गया है.

पूर्णिया. सीमांचल के 34 कॉलेज में स्नातक में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थियों की लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए आर्ट्स के अप्रचलित विषयों की सीटों का हस्तांतरण जरूरी हो गया है. दरअसल प्रचलित विषयों में सीटें लगभग फुल हो गयी हैं, जबकि उन्हीं विषयों में वेटिंग लिस्ट लंबी है. वहीं अप्रचलित विषयों में अभी भी कई सीटें बची हैं, उस मुकाबले वेटिंग लिस्ट नाममात्र है. ऐसे में अप्रचलित विषयों की सीटों का समायोजन प्रचलित विषयों में किया जा सकता है. पूर्णिया विवि में ऐसा पहले भी हुआ है, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं का नामांकन हो सके. इस संबंध में पूर्णिया विवि के मानविकी के सेवानिवृत प्रथम डीन प्रो गौरीकांत झा ने बताया कि स्नातक नामांकन में मानविकी, सोशल साइंस समेत संकायों के अंदर के विषयों में आपस में सीटों का हस्तांतरण पहले भी किया गया है. छात्रहित को ध्यान में रखते हुए विवि नामांकन समिति की बैठक बुलाकर इस प्रकार का निर्णय लिए जाने की व्यवस्था है. गौरतलब है कि सीमांचल के 34 कॉलेजों में स्नातक में करीब 52 हजार सीटें हैं. 59 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. पहली और दूसरी मेरिट लिस्ट मिलाकर बमुश्किल 30 हजार सीटों पर नामांकन हो पाया है. मतलब 22 हजार सीट और 29 हजार अभ्यर्थी का समायोजन शेष है. तीसरी मेरिट लिस्ट से पहले फ्रेश अप्लाई और आवेदन में सुधार के लिए समर्थ पोर्टल 11 अगस्त से 15 अगस्त तक खोला जाएगा. इससे पहले अगर पूर्णिया विवि की ओर से सीटों का हस्तांतरण कर लिया जाये, तो बड़ी तादाद में छात्र-छात्राओं को राहत होगी और वे मन मुताबिक विषयों में अपना नामांकन सुनिश्चित करा पाएंगे.

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