पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट
Weather: पूर्णिया सहित आस-पास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से आसमान से बरसती आग और थपेड़े मारती गर्मी झेल रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. जिले में मौसम ने करवट ले ली है और शुक्रवार सुबह से ही आसमान सुहावना बना हुआ है. चिलचिलाती धूप की जगह आसमान में चारों तरफ काले-घने बादलों ने बंदिश लगा दी है और चल रही ठंडी हवाएं लोगों को सुकून दे रही हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, केरल में मानसून की दस्तक के साथ ही सीमांचल के वायुमंडलीय क्षेत्र में तेजी से बदलाव आया है. इस बदलाव का असर बीते गुरुवार की शाम से ही दिखने लगा था, जब तेज हवा के झोंकों ने उमस को काफी हद तक कम कर दिया था. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दो दिनों के लिए भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है.
अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम; जानें शुक्रवार और शनिवार का पूर्वानुमान
- शुक्रवार (5 जून) की स्थिति: पूर्णिया के मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स के अनुसार, शुक्रवार के लिए कोई अत्यधिक गंभीर चेतावनी (रेड या ऑरेंज अलर्ट) तो नहीं है, लेकिन पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहेंगे. धूप नहीं निकलने से अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज ही जिले के एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी दर्ज की जा सकती है.
- शनिवार (6 जून) का अलर्ट: शनिवार को लेकर मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है. इस दिन जिले के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ सक्रिय बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में और कमी आएगी.
तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी, IMD ने लोगों को सतर्क रहने को कहा
मौसम विभाग की विशेष एडवायजरी: आईएमडी (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, आने वाले 48 घंटों के भीतर पूर्णिया और आस-पास के सीमावर्ती इलाकों में तेज रफ्तार हवाएं चलने, मेघ गर्जन होने और बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल आशंका है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है. इसी संभावित खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने आंधी-पानी के समय लोगों को पक्के मकानों में शरण लेने और बिजली के खंभों व ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है.
इस बदले हुए मौसम के कारण पिछले एक हफ्ते से लगातार 38 से 40 डिग्री के बीच झुलस रहे पूर्णिया वासियों के चेहरे खिल उठे हैं. मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यदि प्री-मानसून की यह सक्रियता बनी रही, तो जून के दूसरे सप्ताह तक जिले में मानसून की विधिवत एंट्री हो जाएगी, जिससे किसानों को धान के बिचड़े डालने में काफी सहूलियत मिलेगी.
