पूर्णिया में साइबर अपराधियों का तांडव: एटीएम में कार्ड फंसने पर मदद के नाम पर तीन लोगों से डेढ़ लाख की ठगी

पूर्णिया में साइबर अपराधियों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है.

पूर्णिया. पूर्णिया में साइबर अपराधियों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामले में शातिर अपराधियों ने एटीएम में कार्ड फंसने के बाद मदद करने के बहाने तीन अलग-अलग लोगों के खातों से करीब डेढ़ लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली है. इस घटना के बाद से इलाके के एटीएम उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है. पीड़ितों ने स्थानीय थाने में मामले की शिकायत दर्ज करायी है. पहली घटना शहर के लाइन बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ी है. पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए कार्रवाई की मांग की है. सहायक खजांची थाना क्षेत्र के सज्जाद नगर माधोपाड़ा निवासी मो जमालुद्दीन ने बताया कि वे बीते रविवार की शाम करीब 6 बजे लाइन बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में पैसे निकालने पहुंचे थे. इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया. काफी प्रयास के बावजूद जब कार्ड बाहर नहीं निकला तो उन्होंने एटीएम मशीन पर लिखे हेल्पलाइन नंबर 8796253532 पर कॉल किया. फोन रिसीव करने वाले साइबर फ्रॉड ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए भरोसे में लिया और कहा कि जैसा वह बताएगा वैसा करने पर कार्ड बाहर निकल जायेगा. ठग ने पीड़ित से दो बार पिन नंबर डालने और कैंसिल बटन दबाने को कहा. पीड़ित ने उसकी बातों पर भरोसा कर वैसा ही किया, लेकिन कार्ड मशीन से बाहर नहीं निकला. इसके बाद आरोपित ने खुद को बैंक स्टाफ बताते हुए गुलाबबाग शाखा आने की बात कही और मदद का भरोसा दिया. वह जब गुलाबबाग पहुंचा तो साइबर फ्रॉड लगातार अभी आ रहा हूं कहकर टालता रहा, लेकिन काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा. इसी बीच मो जमालुद्दीन के मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे. पहले 71 हजार 154 रुपये निकाले गये, फिर 10 हजार रुपये की निकासी हुई. इसके बाद कई बार ट्रांजेक्शन कर कुल 1 लाख 17 हजार रुपये खाते से उड़ा लिए गये. लगातार खाते से रकम कटने का मैसेज देख पीड़ित के होश उड़ गये और वह सीधे थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई और राशि वापस दिलाने की मांग की है. वहीं दूसरी घटना माधोपाड़ा इलाके के ही रहने वाले शाहबाज आलम ने बताया कि वह भी एटीएम इस्तेमाल करने गये थे. इसी दौरान उनका कार्ड मशीन में फंस गया. काफी कोशिश के बाद भी जब कार्ड नहीं निकला तो वह अपने भाई को बुलाने घर चले गये. कुछ देर बाद वापस लौटे तो एटीएम कार्ड मशीन से गायब था. उन्होंने बताया कि थोड़ी देर बाद मोबाइल पर खाते से पैसे कटने का मैसेज आने लगा. उनके खाते में लोन के 15 हजार रुपये थे, जिन्हें साइबर ठगों ने निकाल लिया. खाते में केवल 48 रुपये शेष बचे थे. इसी तरह एक और व्यक्ति भी साइबर ठगी का शिकार हुआ है. तीनों पीड़ितों के खातों से कुल मिलाकर करीब डेढ़ लाख रुपये की अवैध निकासी की गयी है. एटीएम पर चिपकाये जा रहे फर्जी हेल्पलाइन नंबर स्थानीय लोगों का कहना है कि साइबर अपराधी अब एटीएम मशीनों पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपका कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. जैसे ही किसी का कार्ड मशीन में फंसता है, लोग घबराकर उसी नंबर पर कॉल कर देते हैं और ठग बैंक कर्मचारी बनकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं. घटना के बाद साइबर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है. साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम में किसी तरह की समस्या होने पर केवल बैंक के आधिकारिक नंबर या शाखा से ही संपर्क करें. किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपना पिन नंबर, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें.

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Author: RAUSHAN BHAGAT

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