संविधान दिवस पर बाल संसद में नये शिक्षा बिल पर हुई जमकर बहस

मिल्लिया कान्वेंट इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने सत्ता व विपक्ष की निभाई भूमिका

मिल्लिया कान्वेंट इंग्लिश स्कूल के बच्चों ने सत्ता व विपक्ष की निभाई भूमिका पूर्णिया. मिल्लिया कान्वेंट इंग्लिश स्कूल, रामबाग, पूर्णिया ने संविधान दिवस और बाल विवाह मुक्त भारत प्रतिज्ञा दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये. संविधान दिवस पर कक्षा नर्सरी से पांचवीं के छात्र -छात्राओ ने भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रदर्शित किया, पोस्टर रचना प्रतियोगिता की और क्वीज प्रतियोगिता आयोजित की. कार्यक्रम के संचालन में शानू सिंह,मेधा कुमारी, शालिनी पंजीयार, प्रियंका कुमारी, कुमारी मीनू, अदिति शरण,इशिका मेहता, खुशबू कुमारी, भावना मिस,लाराइब, आशा कुमारी, पूजा कुमारी, हूमा मिस ने अपना योगदान दिया. संविधान दिवस पर मुख्य आकर्षण रहा मॉक पार्लियामेंट. आलेख माधव कुमार पाठक का था. बच्चों ने नये शिक्षा बिल पर केंद्रित पार्लियामेंट का संचालन किया. सौम्या और ज़ीनत ने एंकर का काम संभाला. रिदा तनवीर स्पीकर, रोशनी जायसवाल क्लर्क, प्रिंस सिंह प्रधानमंत्री, अब्दुल्ला अनस शिक्षा मंत्री,हिदाया और लक्ष्य सरकार में शामिल एम पी,उज्मा अकबर विपक्षी दल नेता ,एमन नाज़ और अरीबा हसन विरोधी दल एम पी , आलोक कुमार शिक्षक प्रतिनिधि, अंजू कुमारी छात्र प्रतिनिधि,मो साद हसन निर्दलीय एम पी ,रियांशु रंजन,पुष्प रंजन,अमन राज, फातिमा,ज़रका जाकिर, निखिल,अंश,अनम खान, इरफान उल्लाह,और सादिया कैंसर ने प्रेस के प्रतिनिधि की भूमिका निभाई. संसद की कार्रवाई की तरह पूरी बहस रोचक तरीके से संपन्न हुई. प्रतिज्ञा दिवस पर सभी बच्चों ने ली शपथ दूसरे दिन बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रार्थना सभा में बाल विवाह मुक्त भारत प्रतिज्ञा दिवस पर सभी बच्चों ने शपथ ली. दूसरे सत्र में चेतना सत्र का आयोजन किया गया जिसका संचालन वरिष्ठ शिक्षक उमेश प्रसाद सिन्हा ने किया. बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर बच्चों ने खुल कर अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम की शुरुआत शीतल और सना ने इस विषय पर अपनी बातचीत से की. तेजस्विनी, हर्षिता,मंतशा,नव दुर्गा, श्रेया, शालिनी,पूर्णिया, आदित्य कुमार,जिष्नु पाल, अब्दुल्ला अनस,शौर्या ने अपने विचार व्यक्त किए. बाल विवाह को रोकने के लिए प्रयास जरूरी : डॉ असद इमाम विद्यालय के प्राचार्य युगल किशोर झा ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाल विवाह से छोटी बच्चियों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है. मिल्लिया एजुकेशनल ट्रस्ट के सहायक निदेशक इंजीनियर आदिल इमाम ने कहा कि बाल विवाह लड़कियों के विकास में बाधक है. इससे उनका शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण होता है. इसके लिए सभी स्तरों पर जागरूकता लाने की जरूरत है. ट्रस्ट के निदेशक सह सचिव डॉ असद इमाम ने कहा कि संविधान दिवस पर बाल विवाह मुक्त भारत प्रतिज्ञा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम से बच्चों में एक संदेश जाता है कि उन्हें भारतीय संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभानी है. बाल विवाह को रोकने को लेकर भी प्रयास करने होंगे.सकते हैं. वरिष्ठ शिक्षक अमरेन्द्र झा,माधव कुमार पाठक,चन्द्रकांत झा ने भी अपने विचार व्यक्त किये.

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Author: ARUN KUMAR

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