अंगदान को सामाजिक आंदोलन बनाने की है जरुरत : डॉ. एके गुप्ता

डॉ एके गुप्ता बोले

अंगदान पखवाड़े पर शहर में चला दधीचि देहदान समिति का अभियान पूर्णिया. दधीचि देहदान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जाने-माने सर्जन डॉ. ए.के. गुप्ता ने कहा है कि अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह मानवता और करुणा का प्रतीक है. एक दान किया गया अंग एक नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए आशा की किरण बन सकता है. आने वाले समय में, जब अंगदान की आवश्यकता और बढ़ेगी, हम सभी को इस महत्वपूर्ण कार्य में योगदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए. हम और आप मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहां अंगदान की वजह से किसी की मौत न हो. दधीचि देहदान समिति के प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. गुप्ता सोमवार को अंगदान पखवाड़े के समापन के अवसर पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि अंगदान को एक सामाजिक आंदोलन बनाने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि अंगदान, जिसे ‘जीवन का उपहार’ भी कहा जाता है, चिकित्सा विज्ञान का एक अद्भुत और महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह एक ऐसा कार्य है जो एक व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी किसी और को जीवन देने का मौका देता है. आज, हम जिस दुनिया में रहते हैं, वहां अंगदान की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है. आने वाले समय में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान में, दुनिया भर में लाखों लोग अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं. भारत में ही, हर साल लाखों लोगों को किडनी, लिवर, दिल, और अन्य अंगों की आवश्यकता होती है, लेकिन दान किए गए अंगों की संख्या बहुत कम है. जागरूकता का अभाव, सामाजिक-धार्मिक पूर्वाग्रह आदि के कारण यह कमी है जिसे दूर करने की जरूरत है. अंगदान पखवाड़ा को सफल बनाने में दधीचि देहदान समिति की जिलाध्यक्ष हेना सईद, जिला सचिव रवींद्र साह, नीलम अग्रवाल, सुमित प्रकाश, प्रकाश लोहिया, श्रवण जेजानी, रमेश साह, सोपल साह, दीपक कुमार, जावेद आलम, सपना सिन्हा, उषा सिंह, अमिता कुमारी, लता झा एवं श्याम मोहन झा ने योगदान दिया.

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Author: ARUN KUMAR

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