पूर्णिया महिला महाविद्यालय को शिक्षकों व कर्मियों ने तन-मन से सींचा : डाॅ संजीव

56वां स्थापना दिवस समारोह का विधान पार्षद ने किया उदघाटन

– पूर्णिया महिला महाविद्यालय में 56वां स्थापना दिवस समारोह का विधान पार्षद ने किया उदघाटन पूर्णिया. पूर्णिया महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को 56वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान पार्षद डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि जीवन एक यात्रा है, हम सभी को बढ़ते जाना है. छात्राएं एक यात्री के रूप में उस ट्रेन पर सवार हैं जिसके चालक शिक्षक हैं. उन्होंने राहुल सांकृत्यायन के घुमक्कड़ शास्त्र का भी उदाहरण दिया और और कि आप लोग भी शैक्षणिक, सामाजिक यात्राएं करें ताकि आप लोग जीवन में आगे बढ़ते रहें. उन्होंने पूर्णिया महिला महाविद्यालय के शिक्षकों ,कर्मचारियों की तारीफ की जिन्होंने तन मन से महाविद्यालय को सींचा है. विधान पार्षद डॉ संजीव कुमार सिंह ने कहा कि कोई भी संस्थान हो महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं और पुरुषों से अच्छा कर रही हैं. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय को एक वाटर प्लांट देंगे जिससे पानी की समस्याएं हमेशा के लिए दूर हो जाएं. इससे पहले उदघाटन समारोह में दीप प्रज्ज्वलन विधान परिषद सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह, प्रधानाचार्य प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ उषा शरण, प्रो. बीएन झा, विवि संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ गीता अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया. दीप प्रज्ज्वलन के दौरान संस्कृत श्लोक नीता कुमारी, राखी सिंह, संचारी, भव्या ने प्रस्तुत किया. अतिथियों में राजेश मिश्रा भी थे, जिन्होंने महाविद्यालय के कार्यक्रम की मुक्त कंठ से प्रशंसा की. अंत में धन्यवाद ज्ञापन अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. प्रमोद कुमार ने किया. कार्यक्रम में प्रीति सिंह, कुमारी मृदुलता, डॉ राकेश रोशन सिंह, डॉ राधा कुमारी, डॉ जागृति राय, प्रो मीना कुमारी रजक, डॉ. संजय कुमार दास, डॉ रंजन कुमार, डॉ मनीषा कुमारी, कुमार गौरव, डॉ रूचि गौर, डॉ कुमारी अनामिका, सरिता कुमारी, डॉ चिन्मय मोहंती, डॉ स्नेहा, डॉ मिताली मीनू, डॉ अनीता मिश्रा, डॉ मसूद अली देवान, डॉ. प्रेरणा प्रिया, उत्तम कुमार मिश्रा, डॉ. नीतू कुमारी, राजीव रंजन सिंह, निर्मल कुमार, पिंटू कुमार, शंभू कुमार, सौरभ कुमार, छाया कुमारी, दीपक कुमार, जुली कुमारी, रोहित कुमार सोनी कुमारी, विनोद राम अन्य सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भागीदारी की. महाविद्यालय का ऐतिहासिक और सामाजिक स्थान : प्रो अनंत प्रधानाचार्य प्रो अनंत प्रसाद गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय का एक ऐतिहासिक , सामाजिक स्थान रहा है. सीमांचल क्षेत्र में यह एक इकलौता सरकारी महिला महाविद्यालय है जो दिनोंदिन तरक्की कर रहा है .उन्होंने महाविद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला. प्रधानाचार्य ने कहा कि एमएलसी साहब का सानिध्य मिलता है और भविष्य में मिलता रहेगा. प्रधानाचार्य ने कहा कि इस महाविद्यालय की स्थापना 19 सितंबर 1970 को हुई थी. महाविद्यालय को संवारने में नितेश्वर बाबू, भोला पासवान शास्त्री, केपी वर्मा जैसी महान विभूतियों का योगदान रहा है. उन्होंने पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ. शारदा प्रसाद सिंह को भी याद किया जिनका महाविद्यालय के उत्थान में अतुलनीय योगदान रहा है. उन्होंने कि महाविद्यालय की प्रथम स्थायी प्रधानाचार्य डॉ. इंदुबाला सिंह को भी याद किया जो इस महाविद्यालय के लिए सच्ची रूप में फाउंडर थीं. उन्होंने सभी से वादा किया कि महिलाओं, बच्चियों के विकास के लिए हर समय प्रयास करेंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने किया मंत्रमुग्ध कार्यक्रम की प्रस्तुति डॉक्टर अंकित श्रीवास्तवा भौतिक विभाग एवं हिंदी विभाग की डॉक्टर प्रेरणा ने की. कार्यक्रम की प्रस्तुति में साथ देने के लिए समृद्धि सिंह एवं आकांक्षा कुमारी थी. स्वागत गान संचारी, भव्य एवं टीम ने गाया. सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती नृत्य संचारी ,भावना द्वारा प्रस्तुत किया गया जो मां शारदे को समर्पित था. गणेश नृत्य, गणेश वंदना श्रेया श्री और भूमि द्वारा प्रस्तुत किया गया. जय जय भैरवी गीत राखी सिंह, नीता कुमारी ,सोनी हेंब्रम, संचारी ने प्रस्तुत किया. अतुल्या और साक्षी ने भी एक नृत्य प्रस्तुत किया . कथक नृत्य श्रेयश्री और रंजन ने प्रस्तुत किया .सामा चकेवा ,झिझिया और छठ गीत प्रस्तुत किया गया. बीबीए विभाग द्वारा टाइम मैनेजमेंट को लेकर एक नाटक की प्रस्तुति की गई. शिव स्तुति, शिवतांडव, नमो नमो दुर्गे नृत्य भी बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया. डॉक्यूमेंट्री फिल्म में समेटा कॉलेज का स्वर्णिम अतीत महाविद्यालय में पीपीटी के माध्यम से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई जो महाविद्यालय के स्वर्णिम इतिहास को दर्शाता है . महाविद्यालय यात्रा कहां से शुरू हुई और 50 वर्षों से अधिक यह यात्रा जारी है और महाविद्यालय आज कहां से कहां पहुंच गया है. इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म द्वारा पुराने सभी यादों को ताजा किया गया, सभी पुराने प्राचार्य को याद किया गया ,शिक्षकों को याद किया गया जिनके माध्यम से आज यह महाविद्यालय इस स्थान में पहुंचा है. इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को प्रस्तुत करने में अंग्रेजी विभाग की डॉ. श्वेता कुमारी का विशेष योगदान रहा . प्रदर्शनी का किया अवलोकन विधान पार्षद डॉ. संजीव कुमार सिंह ने प्रधानाचार्य प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता के साथ महाविद्यालय के विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी का अवलोकन किया एवं उनकी प्रशंसा की.

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By Abhishek Bhaskar

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