अगले पांच दिनों तक झेलनी पड़ेगी मुश्किलें, शीतलहर के साथ कोल्ड डे का कहर

सर्दी अभी खूब सताने वाली है. खास कर अगले पांच दिन तक भारी मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं.

पूर्णिया. सर्दी अभी खूब सताने वाली है. खास कर अगले पांच दिन तक भारी मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं. सर्दी का सितम तेज हो गया है और अगले पांच दिन यानी 26 दिसम्बर तक जिले में ‘कोल्ड डे’ रहने वाला है, जबकि शीतलहर जैसी स्थिति भी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने इसके लिए पूर्णिया और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी ठंड के आसार बताए हैं. मौसम विभाग की मानें तो 23 दिसंबर से कोहरे में कुछ कमी आने की संभावना है पर कोल्ड डे जस का तस रहेगा. पूर्णिया के मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स में भी पांच दिनों तक लगातार कोल्ड डे का संकेत दिया गया है. इस बीच सोमवार को पूर्णिया में मौसम का अधिकतम तापमान 17.8 एवं न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया.

दरअसल, ठंड के इस कहर से फिलहाल राहत की गुंजाइश नजर नहीं आ रही है, क्योंकि दिसंबर के आखिरी हफ्ते में ठंड अपना असली रूप दिखाने लगी है. आइएमडी के पूर्वानुमान को देखते हुए यह माना जा रहा है कि दिसंबर के आखिरी दिनों तक लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा. आइएमडी के पूर्वानुमान में कहा गया है कि आगामी 25 दिसंबर से तापमान में और गिरावट के आसार हैं. इससे ठंड में इजाफा की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. इधर, सोमवार को भी शहर समेत पूरे जिले में कोल्ड डे की स्थिति बनी रही. कोहरे की धुंध के साथ सुबह की शुरूआत हुई और दोपहर होते-होते कुछ देर के लिए सूर्यदेव के दर्शन भी हुए. यह अलग बात है कि दोपहर में हल्की धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली. सोमवार को जिला मुख्यालय और आसपास इलाकों में पछुआ के कारण कनकनी से लोग परेशान रहे.

कड़ाके की ठंड से जनजीवन हो रहा प्रभावित

अहले सुबह घना कोहरा और पूरे दिन शीतलहर व कोल्ड डे के दौर से पूरा जनजीवन प्रभावित है. दिन की धूप लगभग गायब हो गयी है. लोगों को अहसास तक नहीं हो रहा कि सुबह से कब दोपहर हुई और कब शाम. दोपहर से ही शाम जैसा दृश्य नजर आ रहा है. इससे लोगों की परेशानियां बढ़ गयी हैं. घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. आलम यह है कि ठंड से बचाव के लिए लोग सुबह से लेकर देर रात तक अलाव का सहारा ले रहे हैं. इधर, शाम के बाद सड़कों की चहल-पहल भी गायब हो जा रही है. शहर की लाइफ लाइन कही जाने वाली ऑटो सेवा पर भी असर दिख रहा है. शहर के जिन मॉल और शोरूम में रात के 10 बजे तक भीड़ लगी रहती थी वहां सात बजते-बजते सन्नाटा पसरने लगा है.

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