पूर्णिया के छात्र ने डिस्कवरी चैनल पर चमकायी अपनी किताब ‘ए लॉन्ग नाइट’
पूर्णिया. कथाशिल्पी फणीश्वर नाथ रेणु के ‘मैला आंचल’ की माटी और जनार्दन प्रसाद झा ‘द्विज’ की काव्यात्मक चेतना वाली पूर्णिया की इस उर्वर धरती ने साहित्य जगत को एक नया सितारा दिया है. पूर्णिया के 14 वर्षीय छात्र आरुष अनुराग ने अपनी सस्पेंस-थ्रिलर पुस्तक ‘ए लॉन्ग नाइट’ के जरिए वह मुकाम हासिल किया है, जिसने सीमांचल की साहित्यिक गरिमा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर पुनर्जीवित कर दिया है.दरअसल, डिस्कवरी चैनल पर ”लिटरेरी लॉन्चपैड” में फीचर ब्रिबुक्स द्वारा प्रकाशित आरुष की इस कृति को विश्व प्रसिद्ध डिस्कवरी चैनल ने अपने ‘लिटरेरी लॉन्चपैड” के माध्यम से लांच किया. यह गौरवपूर्ण क्षण बीते 26 अप्रैल को नेशनल टेलीविजन पर प्रसारित किया गया. किसी स्कूली छात्र के लिए डिस्कवरी जैसे मंच पर अपनी जगह बनाना जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है. बता दें कि ब्रिबुक्स 8-18 साल के स्टूडेंट्स के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बुक राइटिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें यूएसए, यूके, इंडिया और यूएसई समेत 32 देशों के 1.3 मिलियन से ज़्यादा युवा लेखक शामिल हैं.
देश के टॉप-3 बेस्ट-सेलर रैंक किया हासिल
साहित्यिक दुनिया में आरुष की धमक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनकी पुस्तक वर्तमान में राष्ट्रीय लीडरबोर्ड पर टॉप-3 बेस्ट-सेलर रैंक हासिल किया है. यह उपलब्धि मिलते ही आरुष को प्रतिष्ठित ‘टॉप-3 बेस्ट-सेलर सर्टिफिकेट’ से नवाजा गया. जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के आठवें कक्षा के छात्र आरुष ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती.आरुष, सीमांचल के जाने माने सर्जन डॉ. संजीव कुमार और जिले की प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा सिन्हा के पुत्र हैं जो अपनी चिकित्सीय सेवाओं से लोगों का जीवन संवार रहे हैं. डॉ. संजीव कुमार बताते हैं कि आरुष जब आठवीं कक्षा में थे, तभी उन्होंने ‘ए लॉन्ग नाइट’ जैसी गूढ़ मिस्ट्री-सस्पेंस की रचना कर सबको चकित कर दिया था. पुत्र कीउस उपलब्धि पर डॉ. संजीव कुमार और डॉ. अनुराधा सिन्हा के आवास पर खुशी का माहौल है.