पूर्णिया विवि में ओल्ड-न्यू पेंशन का विवाद अब पहुंचा मानवाधिकार आयोग

आरएल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने आयोग से की हस्तक्षेप की मांग

फाॅलोअप – आरएल कॉलेज के प्रधानाचार्य ने आयोग से की हस्तक्षेप की मांग पूर्णिया. पूर्णिया विवि में ओल्ड-न्यू पेंशन का विवाद अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है. ओल्ड की बजाय न्यू पेंशन स्वीकार करने के विवि के निर्देश के विरूद्ध आरएल कॉलेज माधवनगर के प्रधानाचार्य डॉ. मुहम्मद कमाल ने मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया है. इसके साथ ही राज्य अल्पसंख्यक आयोग, केन्द्रीय अल्पसंख्यक आयोग से भी मामले में हस्तक्षेप करने की उन्होंने मांग की है. गौरतलब है कि न्यू पेंशन के लिए आधार वर्ष 2005 है. पूर्णिया विवि का मानना है कि पैतृक विवि बीएनएमयू में वे 2009 में पहली बार नियुक्त हुए. इसलिए उन्हें न्यू पेंशन स्वीकार कर लेना चाहिए. हालांकि डॉ. कमाल का कहना है कि वे 2009 में बीएनएमयू के अंतर्गत प्रधानाचार्य के पद पर नियुक्त हुए. इससे पहले उनका सतत सेवाकाल 1989 से है जोकि उनकी सेवापुस्तिका में दर्ज है. ऐसे में वे ओल्ड पेंशन स्कीम के हकदार हैं. हालांकि न्यू पेंशन में शामिल होने से इनकार करने के कारण मार्च 2025 में ही नवंबर 2024 से अबतक का उनका वेतन विवि ने स्थगित कर रखा है. विवि प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश के आलोक में की गयी है. इसे लेकर डॉ. कमाल लीगल नोटिस भी दे चुके हैं. फिलहाल, इस मामले के चर्चा में आने के बाद उच्च शैक्षणिक परिसरों में छनकर कई बातें सामने आ रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Bhaskar

Abhishek Bhaskar is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >