अरविन्द कुमार जायसवाल, बीकोठी. प्रखंड के देवरी गांव में मां काली का दरबार 309 वर्ष से सज रहा है. इस वर्ष भी पूजा की तैयारी जोरों पर है. मंदिर परिसर में कलाकार प्रतिमा तैयार करने मे लगे हुए हैं. मंदिर के बाहर भी रंग रोगन और तैयारियां पूर्ण हो गई है. पूजा समिति के अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि यहां पूजा की शुरुआत फूस के घर में की गयी. धीरे धीरे इस पूजन का स्वरूप वृहत होता गया.तब से लेकर अबतक मंदिर में प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है. अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद यादव बताते है कि पूजा में युवाओं का अच्छी खासी भागीदारी रहती है .प्रारंभ से ही यहां पूजा पंडित माधवी कुंवर और अब उनके वंशज कराते हैं. पूजा के दौरान विशेष आकर्षण का केन्द्र दीपावली में ही लगने लगता है. यहां वृहत पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होता है. मेला मालिक सह पूजा समिति अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद यादव ,71 वर्षीय बुर्जुग कलानंद यादव,75 वर्षीय श्यामसुंदर मिश्र,79 वर्षीय सूर्यकांत मिश्र,96वर्षीय सच्चिदानंद यादव,76 वर्षीय मंदन यादव,71 वर्षीय अर्जुन शर्मा, 65 वर्षीय अरूण झा ने बताया कि मां के मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 1890 में पूर्ण होते ही यह मंदिर चर्चित हो गया.अपनी भव्यता के कारण माता के दरबार में बलि प्रदान में होड़ होती है. यहां हर वर्ष मां के दरबार हर सप्ताह में मंगलवार एवं शुक्रवार के दिन सालों भर बलि प्रदान होता है.
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