पूर्णिया में दहेज की भेंट चढ़ी विवाहिता, कार नहीं मिलने पर जल्लाद पति ने बेरहमी से पीटा, फिर फंदे से लटकाया

Dowry Death: पूर्णिया शहर के ततमा टोली इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां दहेज में चार पहिया वाहन (कार) और शहर में मकान बनाने के रुपयों की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है.

पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट

Dowry Death: बिहार के पूर्णिया जिले में दहेज लोभियों की क्रूरता का एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक मामला प्रकाश में आया है. शहर के केहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ततमा टोली में किराए के मकान में रह रही एक 27 वर्षीय विवाहिता को महज एक कार की खातिर मौत के घाट उतार दिया गया. मृतका की पहचान शांति कुमारी के रूप में हुई है, जिसके परिजनों का सीधा आरोप है कि उसके पति ने पहले उसे लोहे की रॉड और लात-घूंसों से लहूलुहान किया और फिर हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया. घटना की भनक लगते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को दबोच लिया है, जो पेशे से दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) है.

2021 में पिता ने खर्च किए थे 30 लाख; शुरुआती दिनों के बाद बदलने लगी नीयत

  • शादी का इतिहास: मृतका शांति कुमारी की शादी नवंबर 2021 में भागलपुर जिले के झंडापुर (बिहपुर ओहलियाबाद) निवासी अमित कुमार मिश्र के साथ पूरे रीति-रिवाज से हुई थी. मृतका का मायके भी भागलपुर के खरीक कठेला में है.
  • हैसियत से बढ़कर दिया दान: मृतका की बहन प्रियंका और चचेरे भाई रूपेश कुमार ने बताया कि पिता ने अपनी गाढ़ी कमाई से ₹11 लाख नगद समेत कुल ₹30 लाख खर्च कर बेटी को विदा किया था.
  • कमरे में बंद कर प्रताड़ना: शादी के कुछ महीनों बाद ही पति अमित ने लग्जरी कार और पूर्णिया में जमीन खरीदकर मकान बनाने के लिए मायके से और नगद रुपए लाने का कड़ा दबाव बनाना शुरू कर दिया. प्रताड़ना का आलम यह था कि जब भी पति काम के सिलसिले में बाहर जाता, तो शांति को कमरे के भीतर बाहर से ताला लगाकर बंद कर देता था.

“समाज क्या कहेगा, पापा पर क्या बीतेगी” कहकर सहती रही जुल्म

सकते में डाल देगा बहन का बयान: मृतका की बड़ी बहन प्रियंका ने रोते हुए मीडिया को बताया कि अमित की बर्बरता को देखते हुए उन्होंने कई बार शांति को अमित का घर छोड़ने और मायके लौट आने की सलाह दी थी. लेकिन भारतीय समाज के तानों और पिता की प्रतिष्ठा की खातिर शांति हमेशा यही कहती थी—“दीदी, अगर मैं घर छोड़ दूंगी तो समाज हमारे परिवार को जीने नहीं देगा. पहले ही पापा काफी कर्ज में हैं, उन पर क्या बीतेगी.” शांति को उम्मीद थी कि शायद एक दिन उसका पति सुधर जाएगा, लेकिन उसे क्या पता था कि वह अपनी मौत का इंतजार कर रही है.

शव पर मिले गहरे जख्म; पुलिस ने आरोपी पति को किया गिरफ्तार

सोमवार देर शाम जब वारदात की सूचना मायके वालों को मिली, तो वे तुरंत पूर्णिया पहुंचे. वहां कमरे के भीतर शांति का शव फंदे से लटक रहा था, जबकि उसके चेहरे, गर्दन, हाथ और पीठ पर गहरे जख्मों व आंतरिक चोटों के कड़े निशान साफ दिखाई दे रहे थे.

पुलिसिया कार्रवाई और अधिकारिक रुख

पोस्टमार्टम हाउस में मृतका की बहन, बहनोई व अन्य परिजन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर अपने कब्जे में लिया. पुलिस ने रात में ही पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) भेज दिया है.

केहाट/मरंगा पुलिस के अनुसार, घटनास्थल का वैज्ञानिक मुआयना कर साक्ष्य जुटाए गए हैं. परिजनों के लिखित फर्दबयान के आधार पर मुख्य आरोपी पति अमित कुमार मिश्र और उसके भागलपुर स्थित ससुराल वालों के खिलाफ दहेज हत्या (Dowry Death) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेजने की कड़क तैयारी की जा रही है. इस घटना के बाद से मायके पक्ष का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में आरोपी के खिलाफ भारी आक्रोश है.

पूर्णिया की ख़बरों को पढने के लिए क्लिक करें !

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >