केनगर. बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजना के तहत प्रखंड क्षेत्र के बसहा गांव वार्ड नंबर 13 में करोड़ों की लागत से बनायी गयी नल जल योजना पिछले कई महीनों से शोभा की वस्तु बनी हुई है. समाजसेवी राजेश साह और ग्रामीण मोहम्मद नजीर ने बताया कि पिछले 7 से 8 महीनों से गांव में पानी की आपूर्ति ठप है. उनके अनुसार लगभग 2000 की आबादी और 500 घरों वाला यह टोला है. पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है, जिसके कारण पानी घरों तक पहुंचने के बजाय सड़कों और खेतों में बह जाता है. विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया है. पानी टंकी के संचालक मोहम्मद शमीम ने बताया कि हमने कई बार विभागीय अधिकारियों को पाइप फटने की जानकारी दी है. अगर मोटर चालू करते हैं, तो कटा हुआ पाइप किसी के दरवाजे पर जलजमाव कर देता है तो किसी की बाड़ह में पानी भर जाता है. मजबूरी में पिछले आठ महीनों से सप्लाई बंद रखनी पड़ रही है. ग्रामीणों ने बताया कि यदि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. वही पीएचइडी विभाग के रूपेश कुमार बताया कि उस वार्ड में परेशानी तो है लेकिन हम दिखवा लेते हैं.
पाइप फटी रहने से आठ महीने से बसहा गांव में नल जल योजना ठप
बिहार सरकार
