लू के प्रकोप से आम लोगों को बचाने के लिए डीएम ने दिये निर्देश
निर्देश
-खराब चापाकलों की युद्ध स्तर पर करें मरम्मत-आश्रय स्थलों में सार्वजनिक प्याऊ की हो व्यवस्था – सभी अस्पतालों में कम-से-कम 2 बेड सुरक्षित रखें -पर्याप्त मात्रा में हो ओआरएस पैकेट, जीवन रक्षक पूर्णिया. जिले में आगामी ग्रीष्म ऋतु में गर्मी एवं लू की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. इस बैठक में जिले के आमजनों को लू के प्रकोप से बचाने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया. लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं नगर निकायों को खराब चापाकलों की युद्ध स्तर पर मरम्मत कराने एवं.शहरी क्षेत्रों और आश्रय स्थलों में सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. सभी अस्पतालों में कम-से-कम 2 बेड सुरक्षित रखने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पैकेट, जीवन रक्षक दवाएं और आईवी फ्लूड की उपलब्धता सुनिश्चित करने की हिदायत दी गयी है.इसके अतिरिक्त, चलन्त चिकित्सा दल भी सक्रिय रहेंगे. बैठक में वरीय पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता ( आपदा प्रबंधन) तथा संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।श्रम एवं कार्य अवधि में बदलाव:
भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा और अन्य खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए कार्य अवधि सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा अपराह्न 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित की गई है.सभी कार्यस्थलों पर पेयजल, शेड और प्राथमिक उपचार की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.गर्मी की स्थिति को देखते हुए विद्यालयों का संचालन सुबह की पाली में किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर गर्मी की छुट्टियां निर्धारित समय से पूर्व की जा सकती है.
