-पूर्णिया महिला महाविद्यालय हुआ नशामुक्त शिक्षण संस्थान घोषित पूर्णिया. राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई-2 के नेतृत्व में पूर्णिया महिला महाविद्यालय में बुधवार को नशा एवं तंबाकू मुक्त तथा धूम्रपान निषेध शैक्षणिक संस्थान अभियान के अंतर्गत एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं युवाओं को नशे और तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था. इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया तथा संस्थान को औपचारिक रूप से नशामुक्त शिक्षण संस्थान घोषित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता ने की. अपने संबोधन में उन्होंने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों, विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि युवाओं की सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प समाज में परिवर्तन लाने की सबसे बड़ी शक्ति है. यदि विद्यार्थी नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें, तो एक स्वस्थ और जागरूक समाज की स्थापना संभव है. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रुचि गौड़ ने छात्राओं को तंबाकू, धूम्रपान एवं विभिन्न प्रकार के नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया. उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी बाधक बनता है.इस दौरान छात्राओं को नशे से दूर रहने एवं दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के एनएसएस इकाई -2 की छात्राओं ने जगह जगह नशामुक्ति पोस्टर चिपकाए.
नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लें विद्यार्थी : प्रो. अनंत
पूर्णिया महिला महाविद्यालय हुआ नशामुक्त शिक्षण संस्थान घोषित
