पूर्णिया. पूर्णिया विवि में हंगामे के अगले दिन गुरुवार को विभिन्न संगठनों के छात्र नेता एक मंच पर आये और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी. विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष समिति के संस्थापक डॉ आलोक राज , सुमित यादव ,रवि गुप्ता , पियूष पुजारा,अंकित झा,सुमित झा बाबा , करण यादव , डॉ निखिल कुमार , आशीष मंडल ,राहुल राजपूत समेत दर्जनों छात्र नेताओं ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि अपनी बातों को वे कुलाधिपति और राज्य सरकार तक पहुंचाएंगे. छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थापना दिवस साल में एक ही बार होता है. इस मौके पर भी विवि अपने छात्रों, छात्र नेताओं और सेवानिवृत शिक्षकों को नहीं पूछेगा तो कब पूछेगा. छात्र नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जगह की कमी का बहाना विवि प्रशासन बना रहा है. जबकि कभी भी ऐसा नहीं हुआ है कि विवि के कार्यक्रम में जगह की कमी आड़े आयी हो. छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते 18 मार्च को विवि परिसर में और सीनेट हॉल के अंदर जो भी घटनाक्रम हुए , उन्हें सूझबूझ से शांत करने की बजाय विवि के प्रमुख पदाधिकारियों ने आग में घी डालने का काम किया. इस प्रकार के बयान दिये गये जो कहीं से भी संस्थान की मर्यादा के अनुकूल नहीं थे. छात्र नेताओं ने एक प्रधानाचार्य की भूमिका पर भी सवाल उठाए.
विवि में हंगामे के अगले दिन गोलबंद हुए छात्र नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
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