सभी 46 वार्डों में लगाये जायेंगे स्ट्रीट लाइट, साढ़े सात करोड़ रुपये की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

साढ़े सात करोड़ रुपये की मिली प्रशासनिक स्वीकृति

By ARUN KUMAR | May 13, 2025 7:16 PM

महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की हुई बैठकपूर्णिया. महापौर विभा कुमारी की अध्यक्षता में मंगलवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक नगर निगम के सभागार में आयोजित हुई. महापौर विभा कुमारी द्वारा नगर आयुक्त एवं पदेन सदस्यों के साथ पिछली सशक्त स्थायी समिति की बैठक में लिये गये निर्णय, योजनाओं की प्रगति एवं उनपर हुई कार्रवाई की समीक्षा की गयी. महापौर विभा कुमारी ने संबंधित अधिकारियों से लंबित पड़े हुए कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक के दौरान नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 46 वार्डों में लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइट खरीदने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी. इसके लिए सभी वार्डों में पूर्व में सर्वे करा लिया गया है, जल्द ही स्ट्रीट लाइट से वंचित लगभग 7500 पोलो पर स्ट्रीट लाइट लगाया जाएगा. वार्ड नंबर 1 से 9 में प्राक्कलित राशि 1,50,82,798 रुपए की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाया जाएगा. वार्ड नंबर 10 से 18 तक में 1,40,62,910 रुपए की लागत से, वार्ड नंबर 19 से 27 में 1,39,84,567 रुपए की लागत से, वार्ड नंबर 28 से 37 तक में 1,41,13,475 रुपए की लागत से एवं वार्ड नंबर 38 से 46 तक 1,38,27,853 रुपए की लागत से जिन पोलो पर स्ट्रीट लाइट नहीं हैं, लगाए जाने का निर्णय लिया गया. वहीं लाइन बाजार चौक से मैक्स चौराहा तथा लाइन चौक से पॉलिटेक्निक चौक तक ऑक्टा गोनल पोल/स्ट्रीट लाइट लगाने का भी निर्णय लिया गया. बैठक में मुख्य रूप से उप महापौर पल्लवी गुप्ता, नगर आयुक्त कुमार मंगलम, सशक्त स्थायी समिति के पदेन सदस्य ममता सिंह, आशा महतो, कुमारी खुशबू, कमली देवी, मुर्शीदा खातुन, स्वपन घोष, प्रदीप जायसवाल, सिटी मैनेजर पवन कुमार पवन, प्रधान सहायक उमेश यादव मौजूद थे.

निर्माणाधीन नालों की गुणवत्ता पर उठे सवाल

बैठक के दौरान शहर में चल रहे स्ट्राम वॉटर ड्रेनेज अंतर्गत निर्माणाधीन नालों की गुणवत्ता को लेकर वार्ड पार्षदों द्वारा काफी सवाल उठाए गये. महापौर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि शहर में स्ट्राम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के अंतर्गत नालों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें गुणवत्ता को लेकर विभिन्न वार्ड के पार्षदों द्वारा लगातार शिकायत आ रही है. सभी की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि नाला निर्माण की जांच के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग को पत्र लिखा जाएगा.

बरसात से पूर्व सभी नालों की होगी सफाई

बरसात को देखते हुए शहर के सभी नालों की सफाई कराते हुए अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्णय भी सशक्त स्थायी समिति द्वारा लिया गया. इस माह के अंत तक सभी नालों की साफ सफाई का निर्देश दिया गया. साथ ही बरसात से पूर्व नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत विकास संबंधित सभी महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का भी निर्णय लिया गया. जल्द से जल्द नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पूर्व से चयनित सभी छोटे-छोटे कार्य तथा सभी वार्डों में नालों के ढक्कन निर्माण का कार्य पूरा करने का निर्णय लिया गया.बरसात से पूर्व खासकर नालों की सफाई कराई जाएगी ताकि बरसात में शहरवासियों को जलजमाव की समस्या नहीं झेलना पड़े.

वृद्धाश्रम के संचालन को लेकर नाराजगी

नगर निगम क्षेत्र में स्थित वृद्धाश्रम संचालन को लेकर महापौर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा प्रत्येक माह 50 हजार रुपये भाड़ा मद में नगर निगम द्वारा भुगतान किया जा रहा है, जबकि लगभग 30 से 40 लाख रुपए का समान खरीदकर वृद्धाश्रम में बेकार पड़ा हुआ है. वृद्धाश्रम का संचालन एक माह के अंदर शुरू करने का निर्णय लिया गया. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर इस माह के अंत तक वृद्धाश्रम का संचालन शुरू नहीं किया गया तो नगर निगम द्वारा भाड़ा का भुगतान बंद कर दिया जाएगा और जांच के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग को लिखा जाएगा.

खाली जमीन पर पेड़-पौधे लगाये जायेंगे

बैठक के दौरान नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत स्कूल, कॉलेज, पार्क, मंदिर एवं सड़क के दोनों ओर खाली जमीन पर पेड़-पौधे लगाने का भी निर्णय लिया गया जिसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मदद ली जाएगी. इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में हरित संरचना को सुदृढ़ करते हुए शहर में हरियाली लाना है. इसके लिए अमृत मित्र फ्रेम वर्क के माध्यम से अभियान चलाकर फेज वन के तहत 21 से 23 मई तक स्थलों का चयन किया जाएगा. वहीं 5 जून से 31 अगस्त तक पौधारोपण कार्यक्रम ‘एक पौधा मां के नाम’चलाया जाएगा. इन पौधों की देखभाल का दायित्व आम लोगों सहित नगर निगम कर्मियों का होगा.

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