पप्पू यादव ने संसद में एक बार फिर उठाया बिहार को विशेष राज्य का दर्जा का मुद्दा पूर्णिया. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एक बार फिर लोकसभा में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और पूर्णिया-सीमांचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की पुरजोर मांग उठाई. आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने बिहार के ऐतिहासिक, आर्थिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य का हवाला देते हुए कहा कि राज्य को अब उसके अधिकार से वंचित नहीं रखा जा सकता. पप्पू यादव ने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार का बंटवारा होने के बाद राज्य को विशेष सहायता और संरचनात्मक समर्थन मिलना चाहिए था, लेकिन आज तक यह मांग अधूरी है. इससे पहले सांसद पप्पू यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिहार और खासकर पूर्णिया, कोसी और सीमांचल जैसे क्षेत्र आज भी विकास की दौड़ में पीछे है. उन्होंने तर्क दिया कि यदि देश के अन्य राज्यों को पुनर्गठन, भौगोलिक चुनौतियों और आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर विशेष सहायता मिल सकती है, तो बिहार को यह अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि सीमांचल बाढ़, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना की गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे में यहां के लोगों के लिए विशेष पैकेज अब सिर्फ राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि विकास की अनिवार्य शर्त बन चुका है. पप्पू यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि वे संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे, क्योंकि यह करोड़ों बिहारवासियों और पूर्णिया- सीमांचल के युवाओं के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है. पप्पू यादव ने सदन में कहा कि विकास की कोई भी प्रक्रिया तब तक अधूरी है, जब तक समाज के सबसे कमजोर वर्गों को उसका वास्तविक लाभ न मिले. उन्होंने मांग की कि पुनर्गठन से जुड़े किसी भी विधेयक या नीति में इन वर्गों की भागीदारी और सुरक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाये.
पूर्णिया-सीमांचल के विकास के लिए मिले विशेष पैकेज : सांसद
उठाया बिहार को विशेष राज्य का दर्जा का मुद्दा
