बिजली समस्या को लेकर पीएम व सीएम को 21 सूत्री महा मांगपत्र को चलाया हस्ताक्षर अभियान
बड़हराकोठी प्रखंडवासियों ने बिजली समस्या को लेकर सीएम से लेकर पीएम तक 21 सूत्री महामांग पत्र प्रेषण हेतु हस्ताक्षर अभियान का आगाज मां श्यामा मंदिर भटोत्तर से किया. लगातार बिजली संकट, लो-वोल्टेज, जर्जर तारों, बार-बार होने वाले ब्लैकआउट और विभागीय लापरवाही से परेशान लोगों ने अब निर्णायक आंदोलन का ऐलान कर दिया है.
बीकोठी से प्रतिनिधि की रिपोर्ट :
बीकोठी. बड़हराकोठी प्रखंडवासियों ने बिजली समस्या को लेकर सीएम से लेकर पीएम तक 21 सूत्री महामांग पत्र प्रेषण हेतु हस्ताक्षर अभियान का आगाज मां श्यामा मंदिर भटोत्तर से किया. लगातार बिजली संकट, लो-वोल्टेज, जर्जर तारों, बार-बार होने वाले ब्लैकआउट और विभागीय लापरवाही से परेशान लोगों ने अब निर्णायक आंदोलन का ऐलान कर दिया है. प्रखंड की 19 पंचायतों और 100 से अधिक गांवों के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री, केंद्रीय विद्युत मंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, एनबीपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक तथा जिला प्रशासन सहित कई उच्च अधिकारियों को 21 सूत्री विधिक सह मानवीय महामांग पत्र भेजा जा रहा है. इस मांगपत्र पर हस्ताक्षर के लिए शनिवार को मां श्याम मंदिर भटोत्तर के प्रांगण में अभियान के नेतृत्वकर्ता अमित कुमार की अगुवाई में जनसभा का आयोजन किया गया जिसमे प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ो उपभोक्ताओं ने हस्ताक्षर किया.
मेंटेनेंस में विफल रहने का विभाग पर लगाया आरोप
महामांग पत्र में आरोप लगाया गया है कि करीब दो लाख की आबादी वाला बड़हराकोठी प्रखंड वर्षों से बिजली व्यवस्था की बदहाली झेल रहा है. सामान्य मौसम खराब होने पर भी पूरा प्रखंड कई दिनों तक अंधेरे में डूब जाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में कुछ घंटों के भीतर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है. लोगों ने 33 केवी मुख्य लाइन में तकनीकी खामियों, घटिया इंसुलेटरों के उपयोग, जर्जर तारों, झुके हुए बिजली पोल, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों और कृषि फीडरों की विफलता जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं. मांग पत्र में कहा गया है कि बिजली संकट के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं, छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है तथा बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम
महा मांग पत्र के माध्यम से विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है. उपभोक्ता मंच में सामूहिक वाद दायर किया जाएगा. साथ ही संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. महामांग पत्र में वैकल्पिक 33 केवी लाइन की व्यवस्था, नए पावर सब-स्टेशन की स्वीकृति, जर्जर तारों का तत्काल बदलाव, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, शिकायत निवारण केंद्र की स्थापना, दोषी पर कार्रवाई तथा बिजली को नागरिकों का मूल अधिकार मानते हुए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है.