दिखावा बढ़ा, संस्कार घटे : स्वामी चतुरानंद जी

भवानीपुर

भवानीपुर. भवानीपुर प्रखंड के बसंतपुर चिंतामणि उसकावरी पंचायत के असकतिया गांव में दो दिवसीय जिला संतमत सत्संग के 67वां वार्षिक अधिवेशन से वातावरण भक्तिमय है महर्षि मेंही धाम मणियारपुर के संतमत के प्रधान आचार्य परमपूज्य स्वामी चतुरानंद जी महाराज ने कहा कि आज समाज में जितनी भी बुराइयां फैली हुई है उसके लिए मनुष्य का बाहरी आडंबर जिम्मेवार है. उन्होंने कहा कि सत्संग के बगैर मानव जीवन न सिर्फ निरर्थक है बल्कि मानव जीवन पशुवत है . सिर्फ सत्संग से जुड़कर ही मनुष्य मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है. परन्तु मनुष्य आज अपने भीतर अंतरात्मा की आवाज के बदले बाहरी आडंबर की दुनिया में खोया हुआ है. जिस वजह से समाज में तमाम तरह की बुराइयां फैल रही है. स्वामी चतुरानंद महाराज ने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य तन के लिए भोजन की आवश्यकता है. उसी प्रकार आध्यात्म के लिए भगवान का भजन एवं सत्संग अति आवश्यक है. भगवान भजन एवं सत्संग के बगैर ना तो अच्छे वातावरण का निर्माण किया जा सकता है और ना ही एक अच्छा समाज बन सकता है. उन्होंने कहा कि जहां भी सत्संग का आयोजन किया जाता है वहां इस कलयुग में भी ईश्वर एवं दिवंगत बड़े-बड़े संतो की आत्मा अवश्य पहुंचती है. सत्संग के बगैर मानव जीवन के मोक्ष की कल्पना भी नही किया जा सकता है.

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