Shivdeep Lande ने लोगों से की भावुक अपील, बोले - कृपया मेरा नाम किसी दल से न जोड़ें

Shivdeep Lande News: पूर्णिया रेंज के आईजी शिवदीप लांडे ने सभी अटकलों पर विराम लगाने के लिए एक फेसबुक पोस्ट लिखा है.

Shivdeep Lande News: बिहार कैडर 2006 बैच के IPS (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारी और वर्तमान में पूर्णिया रेंज के IG(पुलिस महानिरीक्षक) शिवदीप वामनराव लांडे ने गुरुवार को सरकारी सेवा का त्याग करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इसकी घोषणा की थी. अपने फेसबुक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि मैंने आज भारतीय पुलिस सेवा से त्यागपत्र दिया है, परंतु बिहार में ही रहूंगा और आगे भी बिहार मेरी कर्मभूमि रहेगी. उनके इस्तीफे के बाद राज्य की सियासी फिजा में यह बात तैरने लगी थी कि आखिर वो कौन सी पार्टी है जिसका वो दामन थामेंगे. लेकिन, आज एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने सबकुछ साफ़ कर दिया कि उनकी किसी पॉलिटिकल पार्टी से कोई बात नहीं चल रही है और ना वो किसी विचारधारा से जुड़ने जा रहे हैं.

फेसबुक पोस्ट से कर दिया साफ

शुक्रवार को शिवदीप वामनराव लांडे ने फेसबुक पर लिखे पोस्ट में लिखा, ‘सर्वप्रथम मैं पूरे दिल से सभी का आभार प्रकट करना चाहता हूं क्यूंकि कल से मुझे जो प्यार और प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है, वो मैंने कभी नहीं सोचा था. मेरे कल के त्यागपत्र के बाद से कुछ मीडिया वाले इस संभावना को तलाशने में लगे हैं कि शायद मैं किसी राजनितिक पार्टी से जुड़ने जा रहा हूं. मैं इस पोस्ट के माध्यम से सभी को ये बताना चाहता हूं की मेरी न ही किसी राजनितिक पार्टी से कोई बात हो रही है और न ही किसी पार्टी के विचारधारा से मैं जुड़ने जा रहा हूं. कृपया मेरे नाम को किसी के साथ जोड़ कर न देखें.’

बढ़ा सस्पेंस

शिवदीप लांडे ने आज एक पोस्ट के माध्यम से साफ़ कर दिया कि वो किसी भी राजनितिक दल या विचारधारा से नहीं जुड़ने जा रहे हैं. उनके इस ऐलान के बाद सस्पेंस बढ़ गया है कि इस्तीफा देने के बाद अगर वो किसी राजनितिक दल में शामिल नहीं होंगे तो फिर करेंगे क्या? कल एक फेसबुक पोस्ट में शिवदीप लांडे ने कहा था कि पिछले 18 वर्षों से सरकारी पद पर अपनी सेवा प्रदान करने के बाद आज मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है. इन सभी वर्षों में मैंने बिहार को खुद से और अपने परिवार से भी ऊपर माना है. अगर मेरे बतौर सरकारी सेवक के कार्यकाल में कोई त्रुटि हुई हो तो मैं उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं. जय हिंद!

18 साल की नौकरी के बाद दिया इस्तीफा

मूल रूप से महाराष्ट्र के अकोला जिले के निवासी शिवदीप लांडे ने 2006 में आइपीएस ज्वाइन करने के बाद बिहार कैडर लिया था. हाल ही में उनको तिरहुत प्रमंडल (मुजफ्फरपुर) के डीआइजी से पूर्णिया आइजी की पोस्टिंग दी गयी थी. पटना के सिटी एसपी के तौर पर उनको कार्यकाल काफी चर्चित रहा. उनके तबादले पर विरोध-प्रदर्शन तक हुए. वे अररिया, पूर्णिया और मुंगेर जिलों में भी एसपी रहे. शिवदीप लांडे की छवि को देखते हुए लोग उनको प्यार से दबंग, सिंघम और सुपरकॉप के नाम से भी पुकारते हैं.

ससुराल पॉलिटिकल बैकग्राउंड का

साधारण महाराष्ट्रियन परिवार में जन्मे शिवदीप वामन राव लांडे आइपीएस में चुने जाने से पहले आइआरएस (भारतीय राजस्व सेवा) के लिए चयनित हुए थे. उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है. शिवदीप लांडे का सुसराल पॉलिटिकल बैकग्राउंड से है. उनकी पत्नी ममता शिवतारे के पिता विजय शिवतारे महाराष्ट्र सरकार में जल संसाधन और जल संरक्षण के पूर्व राज्य मंत्री रहे. वे महाराष्ट्र में सतारा जिले की संरक्षक मंत्री भी रहे हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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