पूर्णिया. पूर्णिया कॉलेज के हिंदी विभाग की ओर से वसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया.प्रधानाचार्य प्रो. सावित्री सिंह के मार्गदर्शन में कार्यक्रम के शुभारंभ में निरालाजी के तैल चित्र पर माल्यार्पण हुआ. डॉ. अंकिता विश्वकर्मा ने निरालाजी के समस्त रचना साहित्य से परिचित कराते हुए कहा कि उनके साहित्य में भारत के सामान्य दलित पीड़ित तथा वंचित लोगों की आवाज को सर्वप्रथम उठाने का प्रयास किया गया है. डॉ सीता कुमारी ने निरालाजी को मुक्त छंद का पुरोधा बताते हुए उनके अंदर विद्यमान दया, भाव और स्नेह की बखान कीं. प्रो. ज्ञानदीप गौतम ने कहा कि उनके द्वारा लिखित सरोज स्मृति में मानवीय अनुभूति और समस्त संवेदनाएं विद्यमान हैं. हिंदी विभाग के छात्र धीरज, सोनम ने निरालाजी की कविता का पाठ किया तथा आरती , निकिता तथा अंजलि ने विचार व्यक्त किये. इस मौके पर उपस्थित छात्र-छात्राएं मोनी, ज्ञानी, रितु, कोमल ,शिवानी, अंजलि, पुष्पा आदि थे.
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