बिहार के इस जिले में 30 दिसंबर तक स्कूल बंद, DM ने जारी किया आदेश

School Closed: पूरे बिहार में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. फिलहाल राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. बर्फीली पछुआ हवाओं ने कनकनी और बढ़ा दी है. इसी बीच बिहार के एक जिले में डीएम ने 30 दिसंबर तक स्कूल बंद करने का आदेश जारी किया है .

School Closed: पूर्णिया में ठंड में लगातार बढ़ोतरी और तापमान में गिरावट के कारण जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लास 8 तक की एजुकेशनल एक्टिविटी पर 30 दिसम्बर तक रोक लगा दिया है. इस दौरान इन कक्षाओं के लिए सभी स्कूल बंद रहेंगे. इसमें सभी प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं कोंचिग संस्थान भी शामिल हैं.

डीएम ने आदेश में क्या कहा

डीएम अंशुल कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि इस ठंड से छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है. अपने आदेश में डीएम कुमार ने कहा है कि वर्ग 8 से ऊपर तक की कक्षाओं की एजुकेशनल एक्टिविटी सुबह 10 बजे से 3.30 बजे के बीच संचालित की जा सकती हैं.

विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश के अनुरूप एजुकेशनल एक्टिविटी को प्लान करने का निर्देश दिया गया है और कहा गया है कि प्री-बोर्ड, बोर्ड की परीक्षा केलिए संचालित किए जाने वाली विशेष कक्षाओं या परीक्षाओं का संचालन इससे मुक्त रहेगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

मौसम विभाग ने क्या अपडेट दिया

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंडी पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. बिहार के कम से कम आठ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंच चुका है. पटना में इस मौसम में पहली बार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया, जबकि बीते 24 घंटे के दौरान राजधानी में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही.

आग तापते लोग

और गिरेगा तापमान

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में तापमान में और गिरावट आ सकती है. अगले चार से पांच दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है. उत्तर, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में लगातार कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रह सकती है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ेगा.

इसे भी पढे़ं: बिहार में जमीन और नौकरी से जुड़े काम होंगे आसान, वंशावली के नियम बदले, सरकार का बड़ा फैसला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >