– पूर्णिया विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना ने मनायी सावित्रीबाई फुले जयंती पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से शनिवार को सावित्रीबाई फुले जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो.विवेकानंद सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले नारी समानता की पक्षधर थीं. बिहार में वर्तमान समय में महिलाएं सशक्त हुई है. समाज के सर्वांगीण विकास के लिए नारी शिक्षा अति आवश्यक है. आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करके अपनी योग्यता का परचम लहरा रही हैं.राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक डॉ अंकिता विश्वकर्मा ने कहा कि सावित्रीबाई फुले नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता, समाज सुधारक और मराठी कवयित्री थीं. बालिकाओं को शिक्षित करने के लिए समाज का कड़ा विरोध उन्हें सहना पड़ा था. पूर्णिया विश्वविद्यालय सीसीडीसी डॉ. संतोष कुमार सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों के लिए शिक्षा का द्वार खोला. समाज में विद्यमान कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने का कार्य किया. सावित्रीबाई फुले का कहना था कि हम शिक्षा का प्रकाश हर घर तक पहुंचाएं. राष्ट्रीय साहित्य सेवा योजना इकाई द्वितीय की कार्यक्रम पदाधिकारी डा माया कीर्ति ने कहा कि सत्यशोधक समाज के माध्यम से उन्होंने जातिगत भेदभाव ,छुआछूत, रूढ़िवाद,धार्मिक मान्यताओं का विरोध किया. राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई प्रथम की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ वंदना भारती ने कहा कि गुणात्मक एवं मूल्यपरक शिक्षा स्त्रियों को मिल पा रही है कि नहीं इसका चिंतन करने का दिन है. मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. रंजीता ने कहा कि आज का दिन उनकी शिक्षा को पुनः याद करने का दिन है. इस अवसर पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के पूर्व कुलानुशासक डॉ. पटवारी यादव, वित्त पदाधिकारी प्रो. इश्तियाक अहमद, डॉ.धर्मेंद्र कुमार, प्रो.आफताब आलम, डॉ .एएच वहीदी, डॉ.मोहिदुर रहमान,डॉ हरेंद्र कुमार सिंह ,प्रो.मिहिर कुमार ठाकुर , डॉ.शैलेंद्र कुमार , डॉ.एस के सिंह, डॉ अभिषेक आनंद, डॉ पल्लव कुमार, डॉ भरत कुमार, डॉ मनोज कुमार सेन, डॉ.प्रीति, डॉ .सविता कुमारी , डॉ.संजय कुमार सुमन, डॉ साजिदा अंजुम, रोहित,अर्जुन के साथ-साथ छात्राएं उपस्थित रहे.
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